सीजी भास्कर, 23 अप्रैल : बीजापुर जिले में एक हृदयविदारक घटना (Bijapur Teacher Suicide Case) ने पूरे शिक्षा विभाग और प्रशासन को झकझोर दिया है। प्राथमिक शाला मांझीपारा पालनार में पदस्थ प्रधान अध्यापक राजू पुजारी ने गुरुवार सुबह जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में ठेकेदार, इंजीनियर और समग्र शिक्षा के एपीसी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, राजू पुजारी मूलतः चेरपाल (Bijapur Teacher Suicide Case) के निवासी थे और पदोन्नति के बाद उन्हें पालनार में पदस्थ किया गया था। यहां स्कूल भवन निर्माण का कार्य चल रहा था, जिसकी राशि शाला प्रबंधन समिति के खाते से जारी होनी थी। आरोप है कि संबंधित निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेश वासम और एपीसी छबितेश डोंगरे द्वारा अधूरे काम के बावजूद भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि प्रधान अध्यापक ने अधूरे कार्य के भुगतान से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी मानसिक दबाव को सहन नहीं कर पाने के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
घटना के दिन राजू पुजारी सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे, लेकिन देर दोपहर तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद करीब दोपहर 2 बजे उनका शव घर से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बीजापुर भेजा गया। (
इस घटना के बाद परिजनों और समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। तेलगा समाज और आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग जिला अस्पताल पहुंचे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कई घंटों तक प्रदर्शन जारी रहा, जिससे प्रशासन पर दबाव बना रहा।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी भी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार शिक्षक का इस तरह आत्महत्या करना बेहद दुखद है और इससे साफ जाहिर होता है कि उसे कितना मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया होगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस जांच के दौरान मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने मानसिक प्रताड़ना का जिक्र करते हुए ठेकेदार, इंजीनियर और एपीसी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह सुसाइड नोट अब जांच का अहम आधार बन गया है।
बीजापुर कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा ने बताया कि मामले की हर एंगल से गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त और विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि शासकीय कर्मचारियों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को भी उजागर करती है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।


