सीजी भास्कर, 25 अप्रैल : न्यायधानी की सड़कों पर अब दबंगों और रईसजादों का आतंक (Bilaspur Crime News) इस कदर बढ़ गया है कि वे वरिष्ठ शिक्षाविदों पर हाथ उठाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। तोरवा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए फॉर्च्यूनर सवार युवकों ने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तरणीश गौतम पर हमला कर दिया। इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और शिक्षा जगत में जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया है।
मामूली विवाद और सरेराह गुंडागर्दी
जानकारी के मुताबिक, यह पूरी वारदात गुरुवार सुबह स्वास्तिक हॉस्पिटल के सामने हुई। कुलसचिव डॉ. तरणीश गौतम जब अपनी कार से विश्वविद्यालय जा रहे थे, तभी फॉर्च्यूनर सवार कुछ युवकों के साथ साइड देने को लेकर मामूली विवाद शुरू हुआ। यह विवाद (Bilaspur Crime News) इतना बढ़ गया कि दबंगों ने डॉ. गौतम की गाड़ी को ओवरटेक कर बीच सड़क पर रुकवा लिया। चश्मदीदों के अनुसार, फॉर्च्यूनर से उतरे युवकों ने पहले गाली-गलौज की और फिर डॉ. गौतम का कॉलर पकड़कर उन्हें सरेराह थप्पड़ जड़ दिए।
एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ हुई इस बदसलूकी ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद डॉ. गौतम तुरंत तोरवा थाने पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर (Bilaspur Crime News) दर्ज कर ली है और गाड़ी के नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
तोरवा पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह मामला (Bilaspur Crime News) रोड रेज का लग रहा है, लेकिन जिस तरह से एक प्रतिष्ठित पद पर बैठे व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, उसने प्रशासन की मुस्तैदी पर उंगली उठा दी है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
यूनिवर्सिटी में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
इधर, इस हमले की खबर (Bilaspur Crime News) जैसे ही अटल यूनिवर्सिटी पहुंची, वहां तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक सुर में इस घटना की निंदा की है। छात्र संगठनों का कहना है कि यदि बिलासपुर जैसे शहर में एक विश्वविद्यालय का कुलसचिव सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की क्या बिसात? छात्रों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।


