सीजी भास्कर, 25 अप्रैल : छत्तीसगढ़ में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही (CREDA Action News) बरतने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। बालोद जिले के राजाराव पठार क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्रों के रख-रखाव में भारी लापरवाही बरतने पर क्रेडा (छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) के सीईओ राजेश सिंह राणा ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इस खबर के अनुसार, कार्य में गंभीर कोताही पाए जाने पर संबंधित उप अभियंता कमल देवांगन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
सीईओ की दबिश से विभाग में हड़कंप
ग्रामीणों और सरपंचों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए क्रेडा सीईओ राजेश सिंह राणा स्वयं फील्ड में उतरे। जब वे राजाराव पठार पहुंचे, तो वहां स्थापित सोलर पंपों में पानी के लीकेज की गंभीर समस्या मिली। रखरखाव की इस बदहाली को देख सीईओ ने कड़ी नाराजगी जताई। इस कार्रवाई (CREDA Action News) के तहत उन्होंने न केवल बर्खास्तगी के आदेश दिए, बल्कि जिला प्रभारी प्रदीप माहेश्वरी को तुरंत लीकेज की समस्या दूर करने के कड़े निर्देश भी जारी किए।
कड़ी धूप में गांवों का दौरा, हितग्राहियों से संवाद
बर्खास्तगी की कार्रवाई के साथ-साथ सीईओ ने योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए कई गांवों का तूफानी दौरा किया। गुरूर ब्लॉक के ग्राम कनेरी में उन्होंने 5 एचपी के सौर सुजला पंप का निरीक्षण किया। वहां किसान योगेश कुमार पटेल ने बताया कि उनका पंप पिछले 8 वर्षों से बिना किसी खराबी के चल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस सफल मॉडल (CREDA Action News) को देखकर सीईओ ने विभागीय अधिकारियों को इसी तरह की गुणवत्ता बनाए रखने को कहा।
‘सौर समाधान’ ऐप से अब सीधे होगी शिकायत
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने तकनीकी समाधान पर भी जोर दिया। ग्राम तार्री में उन्होंने हितग्राहियों के मोबाइल में स्वयं ‘सौर समाधान’ ऐप इंस्टॉल करवाया। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल तंत्र (CREDA Action News) के जरिए किसान अब अपनी शिकायतें सीधे दर्ज कर सकते हैं, जिससे मॉनिटरिंग और भी आसान हो जाएगी। सोहतरा गांव में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था दुरुस्त मिलने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया, जहां ग्रामीणों ने सुचारू जलापूर्ति के लिए क्रेडा का आभार जताया।
लापरवाही पर अंतिम चेतावनी
राजाराव पठार में हुई यह कार्रवाई पूरे प्रदेश के विभागीय अमले के लिए एक कड़ा संदेश है। सीईओ राजेश सिंह राणा ने स्पष्ट कर दिया है कि जल जीवन मिशन और सौर सुजला जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस घटना (CREDA Action News) के बाद से जिले के अन्य सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स की निगरानी को लेकर विभाग में सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की इस सख्ती से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी शिकायतों का निराकरण फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर होगा।


