सीजी भास्कर, 29 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के किसान अब पारंपरिक लकीर को छोड़कर आधुनिक तकनीकों के जरिए अपनी तकदीर बदल रहे हैं। मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम कलारजेवरा के कृषक ईश्वरी प्रसाद ने यह साबित कर दिया है कि बेहतर तकनीक और शासन की योजनाओं का साथ मिले तो सीमित भूमि में भी बंपर मुनाफा कमाया जा सकता है। (RKVY Success Story Chhattisgarh) के तहत उन्होंने टमाटर की उन्नत खेती से लाखों का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से बदली किस्मत
ईश्वरी प्रसाद के पास कुल 1.20 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से उन्होंने केवल 1 एकड़ क्षेत्र में उन्नत किस्म के टमाटर (साहो) की खेती की। इस कार्य में उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया। जहां पारंपरिक खेती में पानी और खाद की बर्बादी होती थी, वही इस आधुनिक माडल से कम लागत में पौधों को भरपूर पोषण मिला। (RKVY Success Story Chhattisgarh) के मार्गदर्शन ने उनकी खेती को प्रोफेशनल बिजनेस में बदल दिया।
लागत 85 हजार, मुनाफा 2.90 लाख
आधुनिक तकनीकों के दम पर ईश्वरी को प्रति एकड़ लगभग 150 क्विंटल टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के थोक भाव पर बिक्री करने से उन्हें कुल 3.75 लाख रुपये की आय हुई। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि उद्यानिकी विभाग से मिले 30 हजार रुपये के अनुदान ने उनकी खेती की लागत को कम कर दिया। कुल 85 हजार रुपये की लागत काटकर उन्हें 2 लाख 90 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। (RKVY Success Story Chhattisgarh) के जरिए मिली यह आर्थिक मजबूती उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है।
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
ईश्वरी प्रसाद की यह सफलता अब आसपास के गांवों में चर्चा का विषय है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं। प्रशासन अब इस तरह की सफलता की कहानियों को हर किसान तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजबूत हो सके। (RKVY Success Story Chhattisgarh) वाकई में प्रदेश के किसानों के लिए समृद्धि का द्वार खोल रही है।


