सीजी भास्कर, 30 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के वनांचलों और दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों के लिए बरसात का मौसम अब बाधा नहीं बनेगा। लोक निर्माण विभाग ने कांकेर जिले के दूरदराज क्षेत्रों में बारहमासी आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 13 नए उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इन पुलों के निर्माण से ग्रामीणों को उफनती नदी और नालों को पार करने के जोखिम से मुक्ति मिलेगी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच
इस कांकेर नए पुल निर्माण (Kanker New Bridge Construction) योजना के तहत विशेष रूप से कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के बेचाघाट पुल का निर्माण शामिल है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण लंबे समय से लंबित रहा यह पुल अब तेजी से प्रगति पर है। लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग कांकेर के अनुसार, कोटरी नदी पर बनने वाले इस बेचाघाट पुल की लागत लगभग 15 करोड़ 52 लाख रुपए है।
प्रगति पर हैं ये महत्वपूर्ण कार्य
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले में कई महत्वपूर्ण पुलों का कार्य वर्तमान में जारी है।
मेढकी नदी (रावघाट) : 5 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से निर्माण।
खंडी नदी (भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ मार्ग) : 6 करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से कार्य प्रगति पर।
चिनार नदी (कांकेर-देवरी मार्ग) : 8 करोड़ 98 लाख रुपए का बजट स्वीकृत।
इन पुलों के लिए मिली प्रशासकीय स्वीकृति
राज्य शासन ने कांकेर नए पुल निर्माण (Kanker New Bridge Construction) के अंतर्गत कई अन्य परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें प्रमुख रूप से:
चारामा के टांहकापार में महानदी पर 28 करोड़ 7 लाख रुपए का विशाल पुल।
चारामा के पास सिरसिदा नाला में 9 करोड़ रुपए का निर्माण।
अंतागढ़-बेड़मा मार्ग (निर्गुण नाला) के लिए 3 करोड़ 82 लाख रुपए की मंजूरी।
ईच्छापुर-घोटिया मार्ग (दूध नदी) पर 6 करोड़ 53 लाख रुपए का पुल।
भविष्य की योजनाएं
पुल निर्माण की इस श्रृंखला में छोटेबेठिया के बेलगाल (4 करोड़ 10 लाख रुपए) और भानुप्रतापपुर-पखांजूर मार्ग के पासंगी नाला (5 करोड़ 74 लाख रुपए) पर भी पुल स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी तकनीकी स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। इन कांकेर नए पुल निर्माण (Kanker New Bridge Construction) कार्यों के पूर्ण होने से जिले की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है, क्योंकि साल भर निर्बाध परिवहन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।


