सीजी भास्कर, 1 मई : छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक ग्रामीण महिला ने अपनी मेहनत और जज्बे से वह मुकाम हासिल किया है, जो आज हजारों महिलाओं के लिए मिसाल बन गया है। ग्राम धरमपुरा की रहने वाली लखपति दीदी दुर्गेश्वरी निषाद (Lakhpati Didi Durgeshwari Nishad) ने अपनी तंगहाली को पीछे छोड़ते हुए मत्स्य पालन के जरिए सफलता की नई इबारत लिख दी है। बिहान योजना के सहयोग से शुरू हुए इस सफर ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से सशक्त किया, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी दिलाई है।
मुश्किलों से भरा था शुरुआती सफर
दुर्गेश्वरी निषाद का जीवन कुछ समय पहले तक काफी अभावों में बीत रहा था। उनके पति सिलाई का काम करते थे, जिससे होने वाली सीमित आय से परिवार का पालन-पोषण करना एक बड़ी चुनौती थी। घर की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन दुर्गेश्वरी ने इस स्थिति को बदलने का दृढ़ निश्चय किया। इसी साहस के साथ उन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला लिया, जो लखपति दीदी दुर्गेश्वरी निषाद (Lakhpati Didi Durgeshwari Nishad) बनने की दिशा में उनका पहला कदम था।
बिहान योजना और ऋण ने बदली किस्मत
दुर्गेश्वरी की मेहनत को बिहान योजना के माध्यम से सही दिशा और संसाधन मिले। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बैंक से ऋण की सुविधा प्राप्त हुई, जिससे उनके भीतर कुछ नया करने का आत्मविश्वास जागा। शासन की ओर से मिले तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण ने उनके इस कार्य को और आसान बना दिया। प्राप्त ऋण राशि से उन्होंने मत्स्य पालन का कार्य शुरू किया, जो आगे चलकर लखपति दीदी दुर्गेश्वरी निषाद (Lakhpati Didi Durgeshwari Nishad) के लिए जीवन बदलने वाला फैसला साबित हुआ।
सालाना ढाई लाख से अधिक की कमाई
करीब 1.50 लाख रुपये के निवेश से शुरू हुआ यह व्यवसाय अब उन्हें हर साल शानदार मुनाफा दे रहा है। वर्तमान में वे मत्स्य पालन से प्रतिवर्ष 2.50 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। इतना ही नहीं, वे अपनी आय के स्रोतों को बढ़ाने के लिए सिलाई और आटा चक्की का संचालन भी कर रही हैं। उनकी इस बहुआयामी सफलता ने उन्हें क्षेत्र में लखपति दीदी दुर्गेश्वरी निषाद (Lakhpati Didi Durgeshwari Nishad) के रूप में एक मजबूत ब्रांड बना दिया है।
प्रेरणा का केंद्र बनीं दुर्गेश्वरी
आज दुर्गेश्वरी की सफलता की गूंज पूरे कबीरधाम जिले में है। उनसे प्रेरित होकर क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की राह पर अग्रसर हो रही हैं। लखपति दीदी दुर्गेश्वरी निषाद (Lakhpati Didi Durgeshwari Nishad) का यह सफर यह संदेश देता है कि यदि मन में संकल्प और मेहनत करने का इरादा हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। सरकार की योजनाओं ने उनके जैसे हजारों परिवारों को गरीबी की रेखा से बाहर निकालकर खुशहाली के रास्ते पर ला खड़ा किया है।


