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Water Management Model : तपती गर्मी में वन्यजीवों के लिए ‘संजीवनी’ बना अभयारण्य

By Newsdesk Admin
01/05/2026
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सीजी भास्कर, 1 मई : छत्तीसगढ़ के प्रमुख जैव-विविधता केंद्र बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य ने भीषण गर्मी के बीच वन्यजीव संरक्षण की एक नई और प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। जब राज्य के कई हिस्सों में पारा आसमान छू रहा है और प्राकृतिक जल स्रोत दम तोड़ रहे हैं, तब बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा तैयार किया गया बारनवापारा जल प्रबंधन मॉडल (Water Management Model) वन्यप्राणियों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

Contents
  • हर 5 वर्ग किलोमीटर पर पानी की गारंटी
  • स्मार्ट मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग का कमाल
  • शुद्धता और सेहत का भी रखा ध्यान : Water Management Model
  • खनिज जरूरतों के लिए ‘सॉल्ट लिक’ तकनीक
  • Water Management Model : देश के लिए बना एक मानक माडल

हर 5 वर्ग किलोमीटर पर पानी की गारंटी

अभयारण्य प्रबंधन ने अपनी रणनीति को इतना सटीक बनाया है कि वन्यजीवों को पानी की तलाश में मीलों भटकना न पड़े। पूरे क्षेत्र की विस्तृत वैज्ञानिक मैपिंग कर 240 से अधिक जल स्रोतों, जिसमें तालाब, स्टॉप डैम और कृत्रिम सॉसर शामिल हैं, को चिन्हित किया गया है। बारनवापारा जल प्रबंधन माडल (Water Management Model) की सबसे बड़ी खूबी यह है कि प्रत्येक 5 वर्ग किलोमीटर के दायरे में पानी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

स्मार्ट मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग का कमाल

यह मॉडल केवल पारंपरिक जल संचय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी तरह से डेटा और आधुनिक तकनीक पर आधारित है। बारनवापारा जल प्रबंधन मॉडल के तहत सभी 240 जल स्रोतों की जियो-टैगिंग की गई है, जिससे मुख्यालय से इनकी रियल-टाइम स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ‘स्टाफ गेज’ के माध्यम से हर 15 दिनों में जल स्तर का आकलन किया जाता है, ताकि पानी कम होने से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके।

शुद्धता और सेहत का भी रखा ध्यान : Water Management Model

वन्यजीवों को केवल पानी पिलाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भी इस बारनवापारा जल प्रबंधन मॉडल (Barnawapara Water Management Model) का हिस्सा है। विभाग नियमित अंतराल पर पानी के pH मान और TDS (Total Dissolved Solids) की जांच कर रहा है ताकि जानवरों को सुरक्षित और स्वास्थ्य के अनुकूल जल मिले। दुर्गम क्षेत्रों में जहां स्रोत सूख गए हैं, वहां टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की जा रही है।

खनिज जरूरतों के लिए ‘सॉल्ट लिक’ तकनीक

गर्मी के तनाव (Heat Stress) को कम करने के लिए बारनवापारा जल प्रबंधन मॉडल (Barnawapara Water Management Model) के तहत जल स्रोतों के पास रणनीतिक रूप से ‘साल्ट लिक’ (Salt Licks) स्थापित किए गए हैं। इससे वन्यजीवों को पानी के साथ-साथ शरीर के लिए आवश्यक मिनरल्स भी एक ही स्थान पर मिल रहे हैं।

Water Management Model : देश के लिए बना एक मानक माडल

वनमंडलाधिकारी के अनुसार, बारनवापारा जल प्रबंधन माडल (Barnawapara Water Management Model) एक ऐसी जवाबदेह प्रणाली है जो तात्कालिक राहत के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान भी प्रदान करती है। वैज्ञानिक डेटा और निरंतर निगरानी की वजह से यह अभयारण्य अब देश के अन्य वन्यजीव क्षेत्रों के लिए भी एक मानक स्थापित कर रहा है। भविष्य के वन्यजीव प्रबंधन में बारनवापारा जल प्रबंधन मॉडल (Barnawapara Water Management Model) की सफलता की चर्चा अब हर ओर हो रही है।

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