सीजी भास्कर, 01 मई : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के दो बड़े मामलों भारतमाला कॉरिडोर मुआवजा घोटाला और शराब सिंडिकेट की जांच अब एक-दूसरे से जुड़ती नजर आ रही है। भारतमाला मुआवजा घोटाला छत्तीसगढ़ (Bharatmala Compensation Scam Chhattisgarh) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को रायपुर, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा और अंबिकापुर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई से कारोबारियों, नेताओं और रसूखदार अफसरों के बीच हड़कंप मच गया है।
दिग्गज चेहरों पर ईडी का शिकंजा
जांच एजेंसी ने प्रदेश के कई प्रभावशाली व्यक्तियों के ठिकानों पर दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की है। भिलाई में भाजपा नेता और अमर इंफ्रा के संचालक चतुर्भुज राठी के निवास पर घंटों छानबीन चली। इनका कारोबार रियल एस्टेट और कोयला क्षेत्र में फैला है। इसके अलावा भिलाई तीन में गोविंद मंडल के ठिकानों पर भी दबिश दी गई। वहीं रायपुर में कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और कचना क्षेत्र के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के घर पर भी ईडी की टीमें पहुंचीं। इसके अलावा बिलासपुर में सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल और उनके भाई विकास अग्रवाल के प्रतिष्ठानों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
क्या है भारतमाला मुआवजा घोटाला
भारतमाला मुआवजा घोटाला छत्तीसगढ़ (Bharatmala Compensation Scam Chhattisgarh) की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि प्रभावशाली लोगों ने प्रोजेक्ट के प्रस्तावित मार्गों के आसपास अपने रिश्तेदारों के नाम पर पहले ही जमीनें खरीद ली थीं। बाद में इन जमीनों के बदले शासन से भारी-भरकम मुआवजा हासिल किया गया। ईडी अब इस मुआवजे के रूप में मिले पैसों के लेन-देन और निवेश की कड़ियों को जोड़ रही है। संदेह है कि इस अवैध राशि को सराफा बाजार और बेनामी संपत्तियों में खपाया गया है।
दुबई कनेक्शन और शराब घोटाला
इस पूरी कार्रवाई का सबसे अहम हिस्सा बिलासपुर के विकास अग्रवाल उर्फ ‘सब्बू’ से जुड़ा है। वह 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का आरोपी है और वर्तमान में दुबई में छिपा हुआ है। जांच एजेंसी को भारतमाला मुआवजा घोटाला छत्तीसगढ़ (Bharatmala Compensation Scam Chhattisgarh) और शराब सिंडिकेट के बीच वित्तीय संबंधों के ठोस संकेत मिले हैं। इससे पहले ईओडब्ल्यू (EOW) इस मामले में तत्कालीन एसडीएम समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, और अब ईडी मनी लांड्रिंग के एंगल से इसकी जांच कर रही है।
बढ़ सकता है जांच का दायरा
दो दर्जन से अधिक प्रॉपर्टी डीलर और बिचौलिए वर्तमान में ईडी की रडार पर हैं। पांच शहरों में एक साथ हुई इस बड़ी कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसी किसी बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में भारतमाला मुआवजा घोटाला छत्तीसगढ़ (Bharatmala Compensation Scam Chhattisgarh) मामले में कई और बड़े नामों का खुलासा होने की प्रबल संभावना है।


