सीजी भास्कर, 05 मई। फर्जी सिम कार्ड के जरिए संचालित एक संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। (Illegal transactions by selling SIM on commission in Bhilai)
यह गिरोह लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी करा कर उन्हें कमीशन के आधार पर अन्य व्यक्तियों को बेचता था और इन सिम का इस्तेमाल अवैध आर्थिक लेन-देन में किया जा रहा था।

नेवई पुलिस के अनुसार रिसाली बस्ती निवासी 19 वर्षीय आयुष ताम्रकार ने थाना नेवई में शिकायत दर्ज कराई कि उसके एक परिचित ने विश्वास में लेकर उसके नाम से सिम कार्ड जारी कराया और उसे वापस न करते हुए अन्य लोगों को दे दिया।
ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क : Illegal transactions by selling SIM on commission in Bhilai
विवेचना में सामने आया कि मुख्य आरोपी टी भार्गव राव ने आयुष को मोबाइल दुकान ले जाकर उसके नाम से सिम कार्ड निकलवाया और अपने पास रख लिया। इसके बाद इस सिम को क्रमशः अन्य आरोपियों को अधिक कीमत पर बेच दिया गया। इस तरह एक चेन बनाकर सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध ट्रांजैक्शन के लिए किया जा रहा था।
मामले में अपराध धारा 318(4), 3(5) बीएनएस में केस दर्ज कर तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 4 आरोपियों को 4 मई को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से घटना में इस्तेमाल किए गए 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में टी भार्गव राव (20) निवासी लक्ष्मीनगर रिसाली भिलाई, ज्ञानेश मंडावी (19) निवासी इंदिरा नगर उतई, हर्षित साहू (21) रिसाली गांव नेवई, दीपक प्रजापति (20) खुर्सीपार भिलाई शामिल हैं। मामले में एक अन्य आरोपी फैजान कुरैशी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

