सीजी भास्कर, 10 मई। सरगुजा संभाग में सहकारी बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। बैंक खातों में गड़बड़ी और किसानों के नाम पर कथित फर्जी लेनदेन की खबर सामने आने के बाद इलाके में लगातार चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इस मामले को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री के बाद बैंक प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए जांच तेज कराने के निर्देश दिए हैं।
सहकारी बैंक की शाखाओं में सामने आया मामला : ED Investigation
जानकारी के अनुसार अंबिकापुर स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शंकरगढ़ और कुसमी शाखाओं में करीब 28 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच में मनी ट्रांसफर और फर्जी खातों के जरिए रकम के लेनदेन की बात सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
मंत्री रामविचार नेताम ने दिखाया सख्त रुख
मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों के हितों से जुड़े इस मामले पर तत्काल संज्ञान लिया। बताया गया कि बैंक कर्मचारियों ने मनरेगा और जनपद पंचायत के नाम पर कथित फर्जी खाते खोलकर लेनदेन किए थे। मंत्री की ओर से तत्कालीन कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
ईडी ने मांगी विस्तृत जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच शुरू (ED Investigation) कर दी है। ईडी की ओर से बैंक प्रबंधन को पत्र जारी कर कई जानकारियां मांगी गई हैं। बताया जा रहा है कि वित्तीय लेनदेन, खातों और रकम ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच के बाद कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फर्जी खातों से हुई करोड़ों की हेराफेरी
जांच में यह भी सामने आया कि आदिम जाति सहकारी समिति जमड़ी के नाम पर कथित फर्जी खाता खोलकर करीब 19 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की गई। इसके अलावा मनरेगा और जनपद पंचायत से जुड़े खातों के जरिए भी रकम निजी संस्थाओं तक पहुंचाने के आरोप लगे हैं।
10 कर्मचारियों पर दर्ज हो चुकी है एफआईआर
अब तक इस मामले में बैंक के 10 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज (ED Investigation) की जा चुकी है। जांच एजेंसियां लगातार पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
किसानों के बीच बढ़ी चर्चा
किसानों और ग्रामीण इलाकों में इस मामले को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। लोग इसे किसानों की मेहनत की कमाई से जुड़ा गंभीर मामला बता रहे हैं। मंत्री रामविचार नेताम की कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर आगे होने वाली जांच और कार्रवाई पर बनी हुई है।


