सीजी भास्कर, 14 मई। नई दिल्ली में चल रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान गुरुवार को उस समय माहौल अचानक (BRICS Meeting) गर्म हो गया जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर खुलकर हमला बोला। बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर गंभीर चर्चा होती रही। ईरान के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति को लेकर नई बहस भी तेज हो गई है।
बैठक में मौजूद कई देशों की नजर ईरान के रुख पर टिकी रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और लगातार बिगड़ते हालात के बीच ईरान ने ब्रिक्स देशों से खुलकर समर्थन देने की अपील की। इसके बाद कूटनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ गई।
ईरान ने लगाए गंभीर आरोप : BRICS Meeting
बैठक में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात सिर्फ ईरान का मुद्दा नहीं हैं बल्कि यह पूरे ग्लोबल साउथ और विकासशील देशों के हितों से जुड़ा मामला है।
सदस्य देशों से खुलकर समर्थन की अपील
ईरानी विदेश मंत्री ने ब्रिक्स देशों से अमेरिका और इजरायल की कथित कार्रवाई की बिना शर्त निंदा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया अब नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और विकासशील देशों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कमजोर पड़ती ताकतें पुराने प्रभाव को बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं और इसी वजह से तनाव बढ़ रहा है।
पश्चिमी देशों पर भी साधा निशाना
अरगची ने पश्चिमी देशों पर एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में हिंसा और मानवाधिकार संकट को बढ़ावा (BRICS Meeting) देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दुनिया में अब किसी भी देश की श्रेष्ठता और मनमानी वाली सोच के लिए जगह नहीं होनी चाहिए। साथ ही संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह बनाने की जरूरत बताई।
जयशंकर ने जताई चिंता
बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव, समुद्री मार्गों पर खतरा और ऊर्जा ढांचे पर असर गंभीर संकेत हैं। भारत ने फिलिस्तीन मुद्दे पर दो राष्ट्र समाधान का समर्थन दोहराया।
शांति और कूटनीति पर जोर
जयशंकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और नागरिकों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने सार्वजनिक ढांचे को निशाना नहीं बनाने और तनाव कम करने की जरूरत पर भी जोर दिया। भारत ने कहा कि वह क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने और शांति के प्रयासों में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
15 मई तक चलेगी बैठक
BRICS विदेश मंत्रियों की यह बैठक 14 और 15 मई तक नई दिल्ली में आयोजित (BRICS Meeting) की जा रही है। इसमें वैश्विक आर्थिक व्यवस्था और मौजूदा भू राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हो रही है। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इससे पहले भी कई बार इस मंच की मेजबानी कर चुका है।



