ऑटोमोबाइल कंपनी के अकाउंटेंट को चकमा देकर जालसाजों ने बैंक खाता कराया साफ, पुलिस जांच में जुटी
सीजी भास्कर, 23 मई। भिलाई में शातिर साइबर ठगों ने एक प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी को अपना निशाना बनाते हुए 20 लाख की मोटी रकम पार कर दी है। जालसाजों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। उन्होंने कंपनी के डायरेक्टर की तस्वीर का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप पर फर्जी प्रोफाइल बनाई और सीधे कंपनी के अकाउंटेंट को झांसे में ले लिया। (Big cyber fraud in Bhilai)
इतना ही नहीं अगले दिन ठगों की भूख और बढ़ी तथा उन्होंने लाखों रुपयों की और मांग की, तब जाकर इस पूरी धोखाधड़ी का भंडाफोड़ हुआ।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता यश बत्रा जो कि साईंराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं, ने मामले की विस्तृत जानकारी पुलिस को दी है। इस कंपनी के ऑटोमोबाइल शोरूम भिलाई, दुर्ग, रायपुर और राजनांदगांव जैसे बड़े शहरों में संचालित होते हैं। यश बत्रा के आलावा उनके माता-पिता श्रीचंद बत्रा और ज्योति बत्रा भी कंपनी में डायरेक्टर पद पर हैं।
इस कंपनी के सभी वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की जिम्मेदारी पिछले 13 वर्षों से उनके अनुभवी अकाउंटेंट उमेश पटेल संभाल रहे हैं। आमतौर पर कंपनी में किसी भी बड़े भुगतान से पहले सभी डायरेक्टर्स की आपसी सहमति ली जाती है, जिसके लिए एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना हुआ है। इसी व्यवस्था का फायदा उठाने के लिए ठगों ने सही समय का इंतजार किया।
विदेश यात्रा का उठाया फायदा, ऐसे बदला पैंतरा : Big cyber fraud in Bhilai
यश बत्रा के पिता श्रीचंद बत्रा हाल ही में अपनी बहन से मुलाकात करने के लिए ऑस्ट्रेलिया गए हुए थे। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने इस मौके का फायदा उठाया।
21 मई की दोपहर करीब सवा 3 बजे अकाउंटेंट उमेश पटेल के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। इस नंबर पर डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा की फोटो लगी हुई थी। मैसेज भेजने वाले ने खुद को डायरेक्टर बताते हुए एचडीएफसी बैंक खाते की जानकारी साझा की और उसे कंपनी के एसबीआई करंट अकाउंट में बेनिफिशियरी के तौर पर तुरंत जोड़ने को कहा।
अकाउंटेंट ने इसे अपने असली बॉस का आदेश समझा और बिना किसी अतिरिक्त वेरिफिकेशन के बताए गए खाते में 20 लाख रूपये ट्रांसफर कर दिए। यह ट्रांजैक्शन उसी शाम करीब पौने 5 बजे पूरा हुआ।
48 लाख की और डिमांड की, तब जाकर खुला राज : Big cyber fraud in Bhilai
साइबर ठगों ने 20 लाख मिलने के ठीक अगले दिन यानि 22 मई को उन्होंने उसी नंबर से दोबारा मैसेज किया। इस बार उन्होंने 48 लाख और ट्रांसफर करने की मांग की। लगातार इतनी बड़ी रकम मांगे जाने पर अकाउंटेंट को कुछ संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी दूसरे डायरेक्टर यश बत्रा को दी। यश ने बिना वक्त गंवाए ऑस्ट्रेलिया में मौजूद अपने पिता को फोन मिलाया।
बातचीत में पिता ने साफ किया कि उन्होंने किसी भी तरह के पेमेंट का कोई निर्देश नहीं दिया है। इसके बाद कंपनी प्रबंधन के होश उड़ गए और उन्हें समझ आ गया कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस, कानूनी कार्रवाई शुरू
ठगी का एहसास होते ही कंपनी प्रबंधन ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद भिलाई के वैशाली नगर थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात मोबाइल नंबर और संबंधित बैंक खाताधारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया है और साइबर सेल की मदद से ठगों की तलाश शुरू कर दी है।



