सीजी भास्कर, 24 मई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देशभर में पेट्रोल के दाम बढ़ने लगे हैं। इसका असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और कारों की मांग तेजी से बढ़ी है। ऑटोमोबाइल कारोबारियों के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा दर्ज किया गया है। (Demand for electric vehicles in Chhattisgarh)
पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों को किफायती विकल्प मान रहे हैं। खासकर रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोग EV की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
ईवी की बढ़ती डिमांड के पीछे कई वजहें : Demand for electric vehicles in Chhattisgarh
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकार की सब्सिडी और टैक्स में राहत भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। इसके अलावा चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ने से लोगों का भरोसा भी EV पर मजबूत हुआ है।
अब बाजार में ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारें उपलब्ध हैं जो एक बार चार्ज होने पर 150 से 500 किलोमीटर तक चल सकती हैं। पहले बैटरी बैकअप और रेंज को लेकर लोगों में संदेह था, लेकिन नई तकनीक आने के बाद स्थिति बदल रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अब तक करीब 1 लाख 80 हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। वहीं प्रदेश में 270 से ज्यादा पब्लिक चार्जिंग स्टेशन संचालित हो रहे हैं।
सरकार दे रही सब्सिडी और टैक्स में छूट
राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत EV खरीदने वालों को गाड़ी की कीमत का 10 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही लाइफ टाइम टैक्स में 50 प्रतिशत तक की छूट भी मिल रही है।
सरकार आने वाले समय में 1000 नए चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की तैयारी कर रही है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों में चार्जिंग नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि भविष्य में चार्जिंग सुविधाएं बढ़ने और बैटरी तकनीक बेहतर होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहन और ज्यादा लोकप्रिय हो सकते हैं।
मेंटेनेंस कम, लेकिन चुनौतियां अब भी बाकी : Demand for electric vehicles in Chhattisgarh
इलेक्ट्रिक वाहन डीलर्स का कहना है कि पेट्रोल वाहनों की तुलना में EV का मेंटेनेंस काफी कम होता है। इनमें इंजन ऑयल, क्लच और गियर जैसे कई मैकेनिकल पार्ट्स नहीं होते, जिससे सर्विसिंग का खर्च भी घट जाता है।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन कम आवाज करते हैं और प्रदूषण भी कम फैलाते हैं। शहरों में ट्रैफिक के दौरान स्मूद ड्राइविंग अनुभव के कारण लोग इन्हें ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अभी ग्रामीण इलाकों और लंबी दूरी के सफर के लिए पेट्रोल और डीजल वाहन अधिक सुविधाजनक हैं। फिलहाल दोनों तरह के वाहनों का संतुलन बना रहेगा, लेकिन आने वाले वर्षों में EV सेक्टर तेजी से विस्तार कर सकता है।



