सीजी भास्कर, 24 मई । बस्तर क्षेत्र में लौह अयस्क और जल संसाधनों के उपयोग को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सरकार जहां नक्सल मुक्त बस्तर और औद्योगिक विकास की बात कर रही है, वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ दूसरे राज्यों को मिल रहा है, जबकि बस्तर के युवाओं को रोजगार और उद्योगों का पर्याप्त फायदा नहीं मिल पा रहा है। (Questions raised on the resources of Bastar)
लौह अयस्क और पानी के दोहन पर सवाल : Questions raised on the resources of Bastar
जानकारी के अनुसार किरंदुल की खदानों से प्रतिदिन हजारों टन लौह अयस्क स्लरी पाइपलाइन के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है। इसके साथ ही शबरी नदी और मदाड़ी नाले के पानी का उपयोग भी बड़े औद्योगिक परियोजनाओं में किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आंध्रप्रदेश में स्थापित होने वाला विशाल स्टील प्लांट देश के बड़े इस्पात संयंत्रों में शामिल होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस्तर के खनिज और जल संसाधनों का उपयोग बाहरी राज्यों के औद्योगिक विकास के लिए किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र में बड़े उद्योगों की कमी बनी हुई है।
रोजगार और पर्यावरण को लेकर नाराजगी
बस्तर के युवाओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संसाधनों के बाहर जाने से स्थानीय रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में ही बड़े उद्योग स्थापित किए जाएं तो हजारों युवाओं को रोजगार मिल सकता है।
ग्रामीणों ने खनन गतिविधियों और अपशिष्ट पदार्थों से खेती, नदी और नालों पर असर पड़ने की भी शिकायत की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है और स्थानीय लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय उद्योग लगाने की उठी मांग : Questions raised on the resources of Bastar
क्षेत्रीय संगठनों और ग्रामीणों ने दक्षिण बस्तर में बड़े इस्पात संयंत्र की स्थापना की मांग उठाई है। उनका कहना है कि स्थानीय संसाधनों का लाभ पहले बस्तर के लोगों को मिलना चाहिए और रोजगार में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बस्तर के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि बस्तर केवल कच्चा माल उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि यहां औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी तैयार किए जाने चाहिए।



