सीजी भास्कर, 01 जून। जून की शुरुआत होते ही बाजारों और कारोबार से जुड़े लोगों के बीच गैस सिलेंडर की नई कीमतों को लेकर चर्चा (LPG Price) तेज हो गई। सुबह से ही दुकानों, होटल संचालकों और छोटे कारोबारियों के बीच यही सवाल गूंजता रहा कि आखिर इस बार बढ़ी हुई दरों का असर कितना पड़ेगा। महंगाई को लेकर पहले से चिंता में दिख रहे लोगों ने नई दरों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
कई जगहों पर लोगों ने बढ़ती लागत को लेकर चिंता जताई। कारोबारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे खर्च का असर अंततः आम उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। इसी बीच गैस सिलेंडर की नई दरें लागू होने की खबर ने बाजार में हलचल और बढ़ा दी। हालांकि घरेलू उपयोग वाले सिलेंडरों की कीमत में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरों को फिलहाल राहत मिली है।
कमर्शियल सिलेंडर हुआ महंगा : LPG Price
महीने के पहले दिन एक बार फिर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। नई दरें आधी रात से लागू कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 42 रुपये तक की वृद्धि हुई है। वहीं 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये का इजाफा किया गया है।
राजधानी में नई दरें लागू
दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़ने के बाद अब 3113.50 रुपये पहुंच गई है। इसी तरह कोलकाता में इसकी कीमत में 53.50 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद वहां नया रेट 3255.50 रुपये हो गया है। वहीं 5 किलो के एफटीएल सिलेंडर की कीमत बढ़कर दिल्ली में 821.50 रुपये हो गई है। नई दरें 1 जून से प्रभावी मानी जाएंगी।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
इस बार घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया (LPG Price) गया है। ऐसे में घरों में उपयोग होने वाले सिलेंडर पहले की दर पर ही उपलब्ध रहेंगे। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल अतिरिक्त बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बढ़ती महंगाई के बीच नया असर
कमर्शियल और एफटीएल सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि का असर कारोबार और रोजमर्रा के खर्चों पर दिखाई (LPG Price) दे सकता है। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ी लागत बढ़ने पर कई वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
पश्चिम एशिया के तनाव पर नजर
ऊर्जा बाजार पर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर लगातार बना हुआ है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईंधन से जुड़े उत्पादों की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव का असर गैस बाजार पर भी पड़ रहा है, जिसके चलते कीमतों में उतार चढ़ाव बना हुआ है।




