सीजी भास्कर, 02 जून : ओडिशा को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए वेदांता समूह (Vedanta Investment Odisha) ने राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी निवेश से राज्य में एल्युमीना रिफाइनरी, एल्युमीनियम स्मेल्टर, पावर प्लांट और खनन आधारित कई बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे ओडिशा की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोक सेवा भवन में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में कंपनी की विभिन्न प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति, भूमि आवंटन, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश संबंधी आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और प्रत्येक 15 दिन में उनकी प्रगति की समीक्षा हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी आवश्यक अनुमतियां और आधारभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
एल्युमीना रिफाइनरी से लेकर पावर प्रोजेक्ट तक कई बड़े प्रोजेक्ट
वेदांता निवेश ओडिशा (Vedanta Investment Odisha) के तहत रायगढ़ा जिले में 60 लाख टन वार्षिक क्षमता वाली एल्युमीना रिफाइनरी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा ढेंकानाल जिले में 30 लाख टन क्षमता का एल्युमीनियम स्मेल्टर और 6000 मेगावाट क्षमता वाला विशाल बिजली उत्पादन संयंत्र विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही एकीकृत कोयला और बॉक्साइट परियोजनाओं का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग और औद्योगिक उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
एल्युमीनियम पार्क बनेगा औद्योगिक विकास का नया केंद्र
वेदांता समूह अपने प्रस्तावित स्मेल्टर के निकट एक अत्याधुनिक डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम पार्क भी विकसित करेगा। इस पार्क में एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), रक्षा उत्पादन और उच्च तकनीक विनिर्माण क्षेत्रों के लिए एल्युमीनियम आधारित उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ओडिशा को देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर एल्युमीनियम उत्पादन और प्रसंस्करण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
रोजगार और MSME सेक्टर को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि वेदांता निवेश ओडिशा (Vedanta Investment Odisha) परियोजना केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके माध्यम से हजारों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को भी बढ़ावा मिलेगा। परिवहन, निर्माण, इंजीनियरिंग, सेवा और सहायक उद्योगों में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। सरकार का अनुमान है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने के बाद विशेष रूप से मध्य और दक्षिण ओडिशा के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कई परियोजनाओं को मिल चुकी है मंजूरी
राज्य सरकार के अनुसार ढेंकानाल स्थित स्मेल्टर और पावर प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं रायगढ़ा में प्रस्तावित एल्युमीना रिफाइनरी के लिए भी आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान की जा चुकी हैं। परियोजनाओं के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा कंपनी की प्रस्तावित बॉक्साइट खदान के लिए रेल संपर्क उपलब्ध कराने हेतु नई रेल लाइन परियोजना को रेल मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है। इससे खनिज परिवहन और औद्योगिक उत्पादन को अतिरिक्त गति मिलेगी।
2036 तक 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि वेदांता निवेश ओडिशा (Vedanta Investment Odisha) राज्य को वर्ष 2036 तक 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि यह निवेश औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भी राज्य सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी की आगामी परियोजनाएं ओडिशा की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगी।




