सीजी भास्कर, 04 जून : रायगढ़ जिले में श्रमिकों की सुरक्षा और औद्योगिक नियमों (Raigarh Labour Court Action) की अनदेखी करने वाले उद्योगों पर श्रम न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। विभिन्न मामलों की सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय ने पांच उद्योगों पर कुल 5 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें कई उद्योगों में सुरक्षा मानकों और श्रम कानूनों के उल्लंघन की पुष्टि हुई थी।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के कई प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद संबंधित उद्योगों के खिलाफ श्रम न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराए गए।
इन उद्योगों पर हुई कार्रवाई
श्रम न्यायालय (Raigarh Labour Court Action) ने मेसर्स मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, नटवरपुर के अधिभोगी हर्षवर्धन गर्ग पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। वहीं मेसर्स गुरुश्री इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, देलारी के अधिभोगी एवं प्रबंधक मुकेश बंसल को भी 1 लाख रुपये जुर्माना भरने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी प्रकार मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, सराईपाली के अधिभोगी एवं प्रबंधक प्रकाश बेहरा पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, तराईमाल के अधिभोगी विनय कुमार शर्मा तथा कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
इसके अलावा मेसर्स सावित्री राइस मिल, सहदेवपाली के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक सूर्यकांत अग्रवाल को भी कारखाना अधिनियम के उल्लंघन का दोषी मानते हुए 1 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है।
श्रमिक सुरक्षा से समझौता नहीं
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों को सभी कानूनी प्रावधानों तथा सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को गंभीरता से लिया गया और न्यायालय ने भी उल्लंघनों को गंभीर मानते हुए आर्थिक दंड लगाया है।
आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग (Raigarh Labour Court Action) ने कहा है कि जिले में संचालित उद्योगों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। श्रमिकों की सुरक्षा, कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण और श्रम कानूनों के पालन में लापरवाही बरतने वाले उद्योगों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।




