सीजी भास्कर, 07 जून : ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के बच्चों की प्रतिभाओं (Summer Camp Dantewada ) को नई उड़ान देने के लिए दंतेवाड़ा जिले में एक अनूठी पहल शुरू की गई है। जिले के 17 गांवों में आयोजित विशेष ग्रीष्मकालीन शिविर के माध्यम से बच्चों को खेल, विज्ञान, कला, संगीत और रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल से बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
फ्रिसबी और खेल गतिविधियों से सीख रहे टीमवर्क
शिविर (Summer Camp Dantewada ) में फ्रिसबी खेल बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रशिक्षकों द्वारा खेल के माध्यम से बच्चों को टीम भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक कार्य की सीख दी जा रही है। विभिन्न गांवों में मैत्री मुकाबलों और समूह गतिविधियों के जरिए बच्चों की खेल प्रतिभाओं को भी निखारा जा रहा है।
कला और रचनात्मकता को मिल रहा नया आयाम
आर्ट एवं क्राफ्ट सत्रों में बच्चे चित्रकला, पेपर क्राफ्ट, मॉडल निर्माण और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा और स्थानीय जनजातीय संस्कृति जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र तैयार किए हैं। साथ ही बेकार वस्तुओं से उपयोगी सामग्री बनाने की तकनीक भी सिखाई जा रही है।
संगीत और संस्कृति से जुड़ रहे बच्चे
ग्रीष्मकालीन शिविर (Summer Camp Dantewada ) में बच्चों को गायन, नृत्य और गिटार जैसे वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विभिन्न गांवों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारियां चल रही हैं, जिससे बच्चों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। शिविर में स्थानीय लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।
विज्ञान प्रयोगों से बढ़ रही जिज्ञासा
विज्ञान आधारित गतिविधियों के तहत बच्चों को सरल प्रयोगों और मॉडल निर्माण के माध्यम से वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझाया जा रहा है। कम लागत वाली सामग्री से तैयार मॉडल बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित कर रहे हैं। इससे विज्ञान को लेकर उनकी रुचि और जिज्ञासा दोनों बढ़ रही हैं।
15 जून तक चलेगा विशेष शिविर
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक और व्यावहारिक ज्ञान मिल रहा है, जिससे उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिल रहा है। आयोजकों के अनुसार यह विशेष ग्रीष्मकालीन शिविर 15 जून तक संचालित होगा। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतिभा प्रदर्शन आयोजन भी किए जाएंगे।



