सीजी भास्कर, 07 जून : संपत्ति रजिस्ट्री (CG Registry Scam) में गलत जानकारी देकर शासन को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वालों पर अब पंजीयन विभाग का शिकंजा कसने लगा है। वर्ष 2014-15 से लेकर 2025-26 तक हुई रजिस्ट्रियों की जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद रायपुर जिले में 452 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन पर 14 करोड़ रुपये से अधिक की स्टांप ड्यूटी चोरी करने का आरोप है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बकाया राशि जमा नहीं करने वालों की संपत्तियां कुर्क कर नीलाम की जाएंगी।
रजिस्ट्री में सामने आया करोड़ों का खेल
पंजीयन विभाग (CG Registry Scam) की जांच में खुलासा हुआ है कि कई लोगों ने संपत्ति की वास्तविक जानकारी छिपाकर कम स्टांप शुल्क चुकाया। कुछ मामलों में निर्मित मकान को खाली प्लॉट बताकर रजिस्ट्री कराई गई, तो कई लोगों ने जमीन का वास्तविक रकबा कम दर्शाया। जांच में बंगले के आकार, मंजिलों की संख्या और भूमि की प्रकृति तक छिपाने के मामले भी सामने आए हैं।
नई ऑडिट रिपोर्ट में जमीन, मकान, फ्लैट, बंगले और फार्म हाउस से जुड़ी बड़ी संख्या में संदिग्ध रजिस्ट्रियों को चिन्हित किया गया है, जिनकी विस्तृत जांच जारी है।
15 दिन की मोहलत, फिर होगी नीलामी
मुख्य जिला पंजीयक कार्यालय ने सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर बकाया स्टांप शुल्क जमा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में राशि जमा नहीं करने वालों की संपत्ति कुर्क कर नीलामी की जाएगी।
जानकारी के अनुसार अब तक 16 संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि 20 जून के बाद भी यदि बकाया जमा नहीं हुआ तो नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और जुर्माने सहित पूरी राशि वसूल की जाएगी।
फार्म हाउस और होटलों की भी जांच
जांच के दौरान फार्म हाउस और होटल कारोबार से जुड़े कई मामलों में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं। कुछ होटल संचालकों पर कमरों की संख्या कम दर्शाकर स्टांप शुल्क बचाने का आरोप है, जबकि कई फार्म हाउस मालिकों ने व्यावसायिक निर्माण को कृषि भूमि बताकर रजिस्ट्री कराई। विभाग द्वारा ऐसे मामलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है और मौके पर जाकर दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
गड़बड़ी मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
मुख्य जिला पंजीयक विनोज कोचे ने कहा कि स्टांप शुल्क चोरी करने वालों की पहचान लगातार की जा रही है। जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां मौके पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य राजस्व हानि रोकना और रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।



