सीजी भास्कर, 07 जून। किडनी बीमारी की समस्या के कारण देशभर में चर्चा में रहे सुपेबेड़ा क्षेत्र के लोगों को जल्द ही स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलने वाली है। सुशासन तिहार के दौरान क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे विष्णु देव साय ने तेल नदी पर एनीकेट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की मंजूरी देते हुए अधिकारियों को बारिश से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए। (Supebeda Water Supply Project)
9 गांवों के 2074 परिवारों को मिलेगा लाभ : Supebeda Water Supply Project
राज्य सरकार ने वर्ष 2024 में जल जीवन मिशन के तहत सामूहिक जलप्रदाय योजना के लिए 8 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इस योजना के तहत तेल नदी से इंटेक वेल के माध्यम से पानी लाकर सुपेबेड़ा स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद 9 गांवों के 2074 परिवारों को आयरन और फ्लोराइड मुक्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
नदी सूखने से आ रही थी बड़ी चुनौती
योजना लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी चुनौती सालभर पानी की उपलब्धता थी। तेल नदी अक्टूबर के बाद सूखने लगती है, जिससे जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। ऐसे में नदी में 12 महीने पानी बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
पहले का प्रयास हुआ था विफल : Supebeda Water Supply Project
दो वर्ष पहले इंटेक वेल के नीचे करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से डायफ्राम वॉल का निर्माण किया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में यह संरचना क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद जलप्रदाय योजना को सफल बनाने के लिए एक स्थायी समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
एनीकेट से सालभर मिलेगा पानी
अब तेल नदी पर एनीकेट निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद नदी में वर्षभर जल संग्रहण संभव हो सकेगा। इससे न केवल जल जीवन मिशन की योजना को मजबूती मिलेगी, बल्कि सुपेबेड़ा और आसपास के गांवों के लोगों को लंबे समय से प्रतीक्षित स्वच्छ पेयजल की सुविधा भी मिल सकेगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है



