सीजी भास्कर, 07 जून : छत्तीसगढ़ में फ्लैट और प्लॉट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CG RERA Action) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेशभर में पूर्ण हो चुके 989 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कॉमन एरिया और सुविधाओं का हस्तांतरण नहीं करने पर 595 प्रमोटर्स (बिल्डर्स) को नोटिस जारी किया गया है। रेरा ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलने पर संबंधित बिल्डर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कॉमन एरिया हस्तांतरण में बड़ी लापरवाही उजागर
सीजीरेरा की समीक्षा में सामने आया कि कई परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) मिल चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रमोटर्स ने अब तक आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन का गठन नहीं कराया। इतना ही नहीं, परियोजनाओं के कॉमन एरिया, पार्किंग, क्लब हाउस, गार्डन, सामुदायिक सुविधाएं और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी सोसायटी को हस्तांतरित नहीं किए गए। रेरा के अनुसार यह रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
15 दिन में देना होगा जवाब
प्राधिकरण ने सभी संबंधित प्रमोटर्स को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उनसे पूछा गया है कि अधिनियम की धारा 11(4)(e) और धारा 17 के तहत आवश्यक कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई। रेरा (CG RERA Action) ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित प्रमोटर्स के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू की जाएगी।
फ्लैट खरीदारों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी
सीजीरेरा ने केवल बिल्डर्स ही नहीं बल्कि आवंटितियों को भी जागरूक रहने की अपील की है। प्राधिकरण ने कहा कि रेरा अधिनियम की धारा 19(9) के अनुसार फ्लैट और प्लॉट खरीदारों की भी जिम्मेदारी है कि वे सोसायटी या एसोसिएशन गठन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें।
उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
प्राधिकरण का कहना है कि रेरा का उद्देश्य केवल प्रोजेक्ट पंजीयन तक सीमित नहीं है, बल्कि परियोजना पूर्ण होने के बाद खरीदारों के अधिकारों की रक्षा करना भी है। कॉमन एरिया और सुविधाओं का समय पर हस्तांतरण पारदर्शी एवं जवाबदेह रियल एस्टेट व्यवस्था के लिए जरूरी है।



