सीजी भास्कर, 09 जून : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष (CG Congress Politics ) को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी संगठन में संभावित बदलाव की अटकलों के बीच अब इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर तंज कसते हुए इसे “बोरिंग चैप्टर” बताया, वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक बदलाव की संभावनाओं पर चर्चा के बीच भाजपा नेताओं के बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रियाओं से सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है।
प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ पर मंत्री जायसवाल का तंज
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (CG Congress Politics ) को लेकर चल रही चर्चाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से यही विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है और पार्टी लगातार आंतरिक संघर्षों से जूझ रही है। जायसवाल ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस को नकार चुकी है और पार्टी के भीतर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही खींचतान उसी आंतरिक असंतोष का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
महंत का पलटवार, बोले- कांग्रेस में सब सामान्य
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का नेतृत्व सामूहिक रूप से कार्य कर रहा है और सभी वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय बना हुआ है। महंत ने कहा कि कांग्रेस में निर्णय लेने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक है और हर महत्वपूर्ण फैसला सामूहिक सहमति से लिया जाता है। उन्होंने भाजपा नेताओं के बयानों को अनावश्यक राजनीतिक टिप्पणी बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
संगठनात्मक बदलाव की संभावना से नहीं किया इनकार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की अटकलों पर डॉ. महंत ने पूरी तरह विराम नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में आगामी चुनाव होने हैं, वहां संगठनात्मक बदलाव स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ में भी इस विषय पर चर्चा चल रही है, लेकिन कोई अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे और जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद संगठनात्मक बदलावों पर आगे विचार किया जा सकता है।
खाद-बीज संकट को लेकर सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने किसानों के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही व्यवस्थाएं बेहतर होने का दावा कर रही हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खाद और बीज की समस्या से जूझ रहे हैं। महंत ने कहा कि कांग्रेस किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रही है और सरकार को जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई हिस्सों में किसान आवश्यक कृषि सामग्री के लिए परेशान हैं, जबकि सरकार स्थिति सामान्य बताने में लगी हुई है।



