सीजी भास्कर, 13 जून : बस्तर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (Railway Overbridge Construction) की धीमी प्रगति पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव (Arun Sao) के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया है। हाल ही में निरीक्षण के दौरान कार्य की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए डिप्टी CM ने ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई थी।
Railway Overbridge Construction काम में देरी पर सरकार सख्त
बस्तर जिले के केशलूर-जगदलपुर मार्ग पर 69.36 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण निर्धारित समयसीमा से पीछे चल रहा है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निरीक्षण के बाद विभाग ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर पर्याप्त संसाधन जुटाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने 6 जून को बस्तर प्रवास के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और कार्य में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी।
69 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट
केशलूर के पास इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण लगभग 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण इसका लाभ लोगों तक समय पर नहीं पहुंच पा रहा है।
संसाधनों की कमी से पिछड़ा काम
लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि कार्यस्थल उपलब्ध होने के बावजूद पर्याप्त मैनपावर, मशीनरी और निर्माण सामग्री की व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते परियोजना विभिन्न चरणों में निर्धारित समयबद्ध लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सकी।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्य की प्रगति स्वीकृत निर्माण कार्यक्रम और तय माइलस्टोन के मुकाबले काफी पीछे है। विभाग द्वारा लगातार समीक्षा और कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य की गति संतोषजनक नहीं पाई गई।
डिप्टी CM के निर्देश पर जारी हुआ नोटिस
विभाग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि 6 जून को निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने परियोजना की बेहद धीमी प्रगति पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने अनुबंध की शर्तों के अनुसार ठेकेदार के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
समय पर काम पूरा नहीं हुआ तो होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्य अभियंता ने निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को निर्देश दिया है कि वह तत्काल पर्याप्त श्रमिक, मशीनरी, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर कार्य में तेजी लाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले समय में प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं पाया गया तो अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




