सीजी भास्कर, 17 जून : खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने दूसरे जिले से लाई जा रही 52 बोरी डीएपी खाद से लदी एक पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है। वहीं जांच के दौरान एक खाद दुकान में स्टॉक संबंधी गंभीर गड़बड़ी मिलने पर उसके खाद विक्रय पर भी तत्काल रोक लगा दी गई है। खाद परिवहन (DAP Fertilizer Seizure) से जुड़े इस मामले ने क्षेत्र में उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूचना के आधार पर पकड़ी गई पिकअप
मामला तमनार थाना क्षेत्र का है। कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि सक्ती जिले के बाराद्वार क्षेत्र से तमनार के भालूमुड़ा तक एक पिकअप वाहन में बड़ी मात्रा में डीएपी खाद लाई जा रही है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने भालूमुड़ा में वाहन को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहन में 52 बोरी डीएपी खाद पाई गई।
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने पाया कि दूसरे जिले से सीधे किसानों तक उर्वरक पहुंचाने की प्रक्रिया उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकती है। इसके बाद वाहन और उसमें रखी खाद को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने खाद की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह जताया है।
लैब भेजे गए खाद के नमूने
कृषि विभाग ने जब्त खाद के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि खाद निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। खाद जांच (DAP Fertilizer Seizure) की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जब्त वाहन को तमनार थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है, जबकि खाद की बोरियों को सेवा सहकारी समिति तमनार में जमा कराया गया है।
खाद दुकान में मिली स्टॉक गड़बड़ी
कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग की टीम ने तमनार के झींकाबहाल स्थित प्रतीक कृषि सेवा केंद्र का भी निरीक्षण किया। जांच में स्टॉक रजिस्टर में दर्ज खाद की मात्रा और मौके पर उपलब्ध खाद के बीच बड़ा अंतर पाया गया। विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्काल प्रभाव से दुकान के खाद विक्रय लाइसेंस पर रोक लगा दी है।
अधिकारियों का कहना है कि स्टॉक संबंधी दस्तावेजों और उपलब्ध सामग्री की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से सतर्क रहने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद, बीज और कीटनाशक केवल अधिकृत एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा खरीदारी के दौरान हमेशा पक्का बिल प्राप्त करें। यदि कहीं भी अवैध भंडारण, कालाबाजारी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार खरीफ सीजन शुरू होने के बाद अब तक जिले में खाद जब्ती के 4 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि विभिन्न अनियमितताओं के चलते 20 मामलों में खाद बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा चुकी है।





