सीजी भास्कर, 17 जून : मुंगेली वनमंडल के लोरमी वन परिक्षेत्र में एक रहस्यमयी और सनसनीखेज वन्यजीव घटना सामने आई है। जंगल के भीतर दो तेंदुओं के बीच हुए खूनी संघर्ष की आशंका जताई जा रही है, जिसमें एक तेंदुए की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर जंगल में कहीं गायब हो गया। जंगल में वर्चस्व की इस लड़ाई (Leopard Territorial Fight) ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। घटना के बाद पूरे इलाके में वन अमले की गतिविधियां तेज हो गई हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
जंगल में मिला तेंदुए का शव, मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार लोरमी वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1529 पीएफ स्थित सामान्य वन क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 7 बजे कंचनपुर बैरियर के चौकीदार की नजर एक तेंदुए के शव पर पड़ी। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रातभर घटनास्थल की सुरक्षा तथा निगरानी की व्यवस्था की गई। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर दो तेंदुओं के बीच संघर्ष हुआ था, जिसमें एक तेंदुए की जान चली गई।
ग्रामीणों ने सुनी थी दहाड़ और संघर्ष की आवाजें
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि घटना से पहले जंगल क्षेत्र से देर शाम तेज दहाड़ और दो जंगली जानवरों के आपस में भिड़ने जैसी आवाजें सुनाई दी थीं। ग्रामीणों का मानना है कि दो नर तेंदुओं के बीच क्षेत्रीय कब्जे को लेकर संघर्ष हुआ होगा। वन्यजीव संघर्ष (Leopard Territorial Fight) की यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि तेंदुए आमतौर पर अपने क्षेत्र को लेकर काफी आक्रामक होते हैं और कई बार दूसरे तेंदुओं से घातक लड़ाई भी कर बैठते हैं।
घायल तेंदुआ अब भी लापता
वन विभाग के अनुसार घटनास्थल के आसपास संघर्ष के कई संकेत मिले हैं। आशंका है कि दूसरा तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हुआ और जंगल की ओर निकल गया। वन विभाग की टीम ने देर रात तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। अधिकारियों ने आसपास के जंगलों में निगरानी बढ़ा दी है और संभावित मार्गों पर खोजबीन जारी है। विभाग को उम्मीद है कि घायल तेंदुए का जल्द पता लगाया जा सकेगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
वन अधिकारियों ने बताया कि मृत तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था और क्या यह वास्तव में आपसी संघर्ष का परिणाम था।
उपवनमंडलाधिकारी दशांश सूर्यवंशी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दो तेंदुओं की भीषण लड़ाई की आवाज सुनने की जानकारी दी गई है। हालांकि मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जंगल में वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि घायल तेंदुआ आसपास मौजूद होगा तो उसे खोजकर आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और क्षेत्रीय संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है।





