सीजी भास्कर, 22 जून : छत्तीसगढ़ में आरटीओ (RTO) ई-चालान से संबंधित ऑनलाइन धोखाधड़ी और स्कैम के मामले सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने आम नागरिकों के लिए एक बेहद जरूरी और सतर्क करने वाली एडवाइजरी जारी की है। परिवहन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे ई-चालान के नाम पर आने वाले फर्जी संदेशों (मैसेज) से पूरी तरह सावधान रहें। आज-कल साइबर ठग लोगों को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर मोबाइल पर फर्जी लिंक भेज रहे हैं और उस पर क्लिक करने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस लिंक के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत गोपनीय जानकारी और बैंक खातों से जमा पूंजी की चोरी की जा रही है।
परिवहन विभाग ने ब्लैकलिस्ट की यह वेबसाइट
परिवहन विभाग ने एक विशेष उदाहरण देते हुए बताया है कि नागरिक किसी भी संदिग्ध लिंक, अज्ञात एप्लिकेशन फाइल (APK) या किसी व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से आने वाले मैसेजेस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि साइबर ठगों द्वारा भेजे जा रहे एक फर्जी लिंक (https://Ink.ink/degeg2) जैसी किसी भी संदिग्ध वेबसाइट पर क्लिक भूलकर भी न करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस और परिवहन विभाग के प्रवर्तन अमले (Enforcement Team) द्वारा जारी किए जाने वाले सभी वास्तविक ई-चालान मैसेज केवल और केवल आधिकारिक सिस्टम के माध्यम से ही वाहन स्वामी के पंजीकृत (रजिस्टर्ड) मोबाइल नंबर पर भेजे जाते हैं। इनमें किसी भी निजी नंबर या संदेहास्पद लिंक का उपयोग नहीं होता।
ऐसे करें असली चालान की पहचान और ऑनलाइन भुगतान
विभाग ने आम नागरिकों को फर्जीवाड़े से बचाने के लिए असली चालान की जांच करने का सही और सुरक्षित तरीका भी साझा किया है। वाहन स्वामी अपने चालान की सत्यता जांचने के लिए इन चरणों का पालन कर सकते हैं-
सबसे पहले ई-चालान की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट (https://echallan.parivahan.gov.in/) पर जाएं।
पोर्टल पर जाने के बाद वहां दिए गए ‘पे ऑनलाइन’ (Pay Online) विकल्प का चयन करें।
इसके बाद अपना सही चालान नंबर, वाहन नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज कर ‘गेट डिटेल्स’ (Get Details) पर क्लिक करें।
सुरक्षा के लिए आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसका सत्यापन करने के बाद ही चालान संबंधी असली जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।
अजनबियों को न करें भुगतान, ठगी होने पर तुरंत पहुंचे थाना
परिवहन विभाग ने नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान करने से बचें। बैंक खाते से संबंधित किसी भी तरह के लेन-देन (ट्रांजेक्शन) में विशेष सावधानी रखना बेहद जरूरी है।
यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या मोबाइल एप्लीकेशन प्राप्त होता है, या फिर वह किसी धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना कोई वक्त गंवाए तत्काल अपने नजदीकी पुलिस थाने में जाकर लिखित शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि समय रहते साइबर अपराधी पर कार्रवाई की जा सके।





