सीजी भास्कर, 26 जून। भारत में Telegram पर लगी अस्थायी रोक का असर सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप तक सीमित नहीं रहा। प्लेटफॉर्म की पहुंच प्रभावित होते ही लाखों यूजर्स ने Telegram का विकल्प तलाशना शुरू कर दिया, जिसके चलते देश में VPN (Virtual Private Network) ऐप्स की डाउनलोडिंग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। (Telegram Ban Triggers)
2026 का सबसे बड़ा डाउनलोड रिकॉर्ड : Telegram Ban Triggers
ऐप इंटेलिजेंस फर्म AppFigures के आंकड़ों के अनुसार, 17 जून को भारत में टॉप 100 VPN ऐप्स के कुल 9.19 लाख डाउनलोड्स दर्ज किए गए। यह सामान्य दिनों की तुलना में करीब 76 प्रतिशत अधिक है और वर्ष 2026 का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Telegram तक पहुंच बनाए रखने की कोशिश में बड़ी संख्या में यूजर्स ने VPN का सहारा लिया, जिससे डाउनलोड्स में अचानक उछाल देखने को मिला।
Telegram छोड़ने के बजाय यूजर्स ने चुने नए विकल्प
Telegram की सेवाएं प्रभावित होने के बाद अधिकांश यूजर्स ने प्लेटफॉर्म को छोड़ने के बजाय उस तक पहुंचने के वैकल्पिक तरीके अपनाए। बड़ी संख्या में लोगों ने VPN इंस्टॉल किए, जबकि कई यूजर्स Telegram X, iMe और Signal जैसे दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर भी शिफ्ट हो गए।
यह ट्रेंड दिखाता है कि डिजिटल सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता के बीच किसी लोकप्रिय ऐप पर लगी रोक का असर पूरे इंटरनेट इकोसिस्टम पर पड़ सकता है।
क्या होता है VPN और क्यों बढ़ी इसकी मांग?
VPN एक ऐसी तकनीक है जो यूजर्स के इंटरनेट ट्रैफिक को दूसरे सर्वर के जरिए रूट करती है और उनका IP एड्रेस छिपाने में मदद करती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से ऑनलाइन प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिए किया जाता है।
हालांकि, किसी वेबसाइट या ऐप पर प्रतिबंध (Telegram Ban Triggers) लगने की स्थिति में भी कई यूजर्स VPN का इस्तेमाल कर उस सेवा तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। Telegram पर अस्थायी रोक के बाद भारत में VPN की बढ़ी मांग इसी प्रवृत्ति को दर्शाती है।
भारत में VPN इस्तेमाल करना कानूनी है या नहीं?
भारत में VPN का इस्तेमाल पूरी तरह गैरकानूनी नहीं है। कोई भी व्यक्ति अपनी ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता के लिए इसका उपयोग कर सकता है। लेकिन यदि VPN का इस्तेमाल हैकिंग, साइबर अपराध या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि के लिए किया जाता है, तो यह कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
VPN कंपनियों पर सरकार के नियम : Telegram Ban Triggers
भारत सरकार के नियमों के अनुसार, देश में सर्वर संचालित करने वाली VPN कंपनियों को अपने यूजर्स की कुछ जानकारी और लॉग्स कम से कम 5 वर्षों तक सुरक्षित रखना होता है। इसी वजह से कई बड़ी VPN कंपनियों ने भारत में अपने फिजिकल सर्वर बंद कर दिए हैं और अब वे भारत के बाहर स्थित वर्चुअल सर्वर के जरिए भारतीय यूजर्स को सेवाएं प्रदान कर रही हैं।



