सीजी भास्कर, 24 जून। बिलासपुर, विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सौतेली बेटी को गर्भवती करने के मामले में पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा। इस मामले में सटीक जांच करने वाले टीआई रजनीश सिंह को कैश रिवार्ड भी दिया गया है। (Bilaspur POCSO court verdict)
अपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी का कृत्य केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पवित्र विश्वास का कत्ल है। कोर्ट ने पीड़िता को 7 लाख रुपये मुआवजा देने की भी अनुशंसा की है।
पीड़िता और उसकी माँ काम की तलाश में मुंबई गए थे : Bilaspur POCSO court verdict
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता की मां को उसके पहले पति ने कोरोना काल में छोड़ दिया था। इसके बाद वह आरोपी के साथ चूड़ी विवाह कर पति-पत्नी की तरह रहने लगी। आरोपी, महिला और उसकी 11 वर्षीय बेटी काम की तलाश में मुंबई गए थे, जहां आरोपी एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत में गार्ड का काम करता था।
2023 में पहलीबार किया रेप,फिर लगातार करता रहा दुष्कर्म
घटना 15 जुलाई 2023 की दोपहर की है, जब आरोपी पीड़िता को मुंबई की एक सुनसान निर्माणाधीन इमारत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने यह बात मां को बताने की धमकी दी, तो आरोपी ने उसे और उसकी मां को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने मुंबई में कई बार और फिर रतनपुर मुरलीबंद स्थित किराए के मकान में भी बच्ची का शारीरिक शोषण जारी रखा।
आयुष्मान सर्वे के दौरान मितानिन की नज़र में आई पीड़िता
दिसंबर में जब वे रतनपुर लौटे, तब आयुष्मान सर्वे के दौरान स्थानीय मितानिन स्मृति गोपाल की नजर बच्ची पर पड़ी। उन्होंने देखा कि बच्ची का पेट असामान्य रूप से फूला हुआ था। मितानिन ने तुरंत इसकी जानकारी बच्ची की मां को दी।
सिम्स अस्पताल में सोनोग्राफी कराने पर डॉक्टरों ने पुष्टि की कि बच्ची आठ महीने की गर्भवती है। इसके बाद 16 जुलाई 2024 को रतनपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
डीएनए टेस्ट में दुष्कर्मी का पता चला : Bilaspur POCSO court verdict
पुलिस को बच्ची की मां ने पहले नशेड़ी युवकों के द्वारा दुष्कर्म करने की बात बताई । लेकिन जब रतनपुर के तत्कालीन टीआई रजनीश सिंह ने पड़ताल शुरू की तो उन्हें बच्ची के सौतेले पिता पर शक हुआ। जांच के दौरान उन्होंने पीड़िता के नवजात शिशु के रक्त का नमूना और आरोपी का ब्लड सैंपल जांच के लिए रायपुर की राज्य फॉरेंसिक लैब भेजा, जो पूरी तरह मैच हुआ।
सटीक जांच पर टीआई सिंह को कैश रिवार्ड
टीआई की सटीक जांच पर कोर्ट ने सारे साक्ष्य आरोपी के खिलाफ पाते हुए उसे सजा सुनाई। साक्ष्य संकलन और जांच में सभी पहलुओं का बारीकी से ध्यान रखा गया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने सटीक जांच के लिए तत्कालीन रतनपुर टीआई रजनीश सिंह को 2000 रुपए के कैश रिवार्ड से पुरस्कृत किया है।





