सीजी भास्कर, 04 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार की आपातकालीन पुलिस सेवा Dial 112 Team एक बार फिर मानवता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बनकर सामने आई है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थाना क्षेत्र में डायल 112 की टीम ने समय रहते पहुंचकर घरेलू हिंसा का शिकार हो रहे एक परिवार को बचाया। इतना ही नहीं, कार्रवाई से प्रभावित परिवार ने पुलिस टीम को सम्मान स्वरूप नकद राशि देने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने इनाम लेने से साफ इनकार कर दिया। उनकी ईमानदारी और संवेदनशील कार्यशैली की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
जिले में भरोसे का प्रतीक बन रही Dial 112 Team
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में Dial 112 Team लगातार आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने से लेकर घरेलू विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराने और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने तक टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली से लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
क्या था पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई की रात करीब 9 बजे डायल 112 को इवेंट नंबर 542331 के माध्यम से सूचना मिली कि कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम पुटपुरा में एक व्यक्ति शराब के नशे में अपनी पत्नी, सास, ससुर, साले और घर में मौजूद तीन छोटे बच्चों के साथ मारपीट कर रहा है। कॉल करने वाले ने बताया कि घर में चीख-पुकार मची हुई है और किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची ‘बाज-1’ टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए कसडोल थाना की Dial 112 Team की ‘बाज-1’ यूनिट में तैनात आरक्षक आशुतोष बंजारे और उनकी टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची। वहां हालात बेहद तनावपूर्ण थे। पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और सभी परिजनों को सुरक्षित किया।
समझाइश से बदली युवक की सोच
पूछताछ के दौरान पीड़ित परिवार ने सामाजिक बदनामी और बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने पुलिस से केवल आरोपी युवक को समझाकर शांत कराने की गुहार लगाई। स्थिति को देखते हुए Dial 112 Team ने बल प्रयोग करने के बजाय मानवीय और मनोवैज्ञानिक तरीके से युवक की काउंसलिंग की। पुलिस की समझाइश का असर इतना हुआ कि युवक को अपनी गलती का अहसास हो गया। उसने पूरे परिवार के सामने अपने व्यवहार पर पछतावा जताया, सभी के पैर छूकर माफी मांगी और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने का भरोसा दिया।
इनाम लेने से किया साफ इनकार
पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से प्रभावित कॉलर और उसके बुजुर्ग पिता ने खुशी में टीम को 1,000 रुपये सम्मान स्वरूप देने की कोशिश की, लेकिन Dial 112 Team ने राशि लेने से साफ इनकार कर दिया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि “जनता की सुरक्षा और सेवा करना हमारा कर्तव्य है, इसके बदले किसी प्रकार का पुरस्कार स्वीकार नहीं किया जा सकता। पुलिस टीम की इस ईमानदारी और अनुशासन ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया।
वीडियो जारी कर जताया आभार
घटना के बाद कॉलर ने स्वयं एक वीडियो संदेश जारी कर Dial 112 Team के आरक्षक आशुतोष बंजारे और उनकी टीम का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील व्यवहार और ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।



