सीजी भास्कर, 10 जुलाई : स्कूल बुक्स डिस्ट्रीब्यूशन (School Books Distribution) को लेकर रायगढ़ जिले में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल खुलने के 20 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकारी और निजी स्कूलों के कई छात्रों को अब तक सभी विषयों की पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। किताबों का वितरण अधूरा होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि अभिभावकों की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है।
सरकारी स्कूलों में भी पूरी नहीं पहुंचीं किताबें
शासन के नियमों के अनुसार कक्षा 1 से 10वीं तक के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पढ़ाई सुचारु रूप से प्रारंभ हो सके। लेकिन रायगढ़ जिले के अधिकांश स्कूलों में अभी तक सभी विषयों की किताबें नहीं पहुंची हैं। इससे शिक्षक भी नियमित रूप से सभी विषयों की पढ़ाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
तमनार और धरमजयगढ़ के स्कूलों में ज्यादा परेशानी
जानकारी के अनुसार तमनार क्षेत्र के कुछ स्कूलों और धरमजयगढ़ के दो स्कूलों में अब तक किताबों की पूरी खेप नहीं पहुंची है। वहीं स्वामी आत्मानंद हिंदी और इंग्लिश मीडियम स्कूलों में भी कक्षा 1 से 10वीं तक के विद्यार्थियों को केवल कुछ विषयों की पुस्तकें मिली हैं, जबकि कई विषयों की किताबों का वितरण अब भी बाकी है।
बच्चे स्कूल पहुंच रहे, लेकिन पढ़ाई अधूरी
अभिभावकों का कहना है कि बच्चे रोज स्कूल जा रहे हैं, लेकिन सभी विषयों की किताबें नहीं मिलने से पढ़ाई पूरी तरह शुरू नहीं हो पा रही है। कई जगह शिक्षक नोट्स और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से पढ़ाई करा रहे हैं, लेकिन पाठ्यपुस्तकों के अभाव में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग से जल्द वितरण की मांग
अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किताबें समय पर नहीं मिलीं तो शुरुआती पढ़ाई प्रभावित होगी, जिसका असर पूरे शैक्षणिक सत्र पर पड़ सकता है।



