सीजी भास्कर, 10 जुलाई। राजधानी दिल्ली में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रीमियम पेट्रोल की मांग में अचानक तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में वाहन मालिक सामान्य पेट्रोल के बजाय हाई-ऑक्टेन प्रीमियम फ्यूल जैसे इंडियनऑयल के XP95, XP100 और भारत पेट्रोलियम के स्पीड 97 को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों पर इसकी बिक्री पहले की तुलना में दोगुनी हो गई है, जबकि पॉश इलाकों में कुछ पंपों पर मांग पांच गुना तक बढ़ने की बात सामने आई है। (E20 Petrol Rumours)
E20 को लेकर बढ़ी चर्चा, बदला उपभोक्ताओं का रुझान : E20 Petrol Rumours
सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाओं के बीच कई वाहन मालिक एहतियात के तौर पर प्रीमियम पेट्रोल भरवा रहे हैं। हालांकि, वाहन निर्माता कंपनियां और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लगातार यह स्पष्ट करती रही हैं कि E20-अनुकूल वाहनों को इसी ईंधन के अनुसार डिजाइन और परीक्षण किया गया है।
सरकार ने अफवाहों का किया खंडन
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने या माइलेज में भारी गिरावट आने जैसे दावों में कोई सच्चाई नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, E20 कार्यक्रम लागू करने से पहले वाहन निर्माताओं, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और परीक्षण एजेंसियों के साथ व्यापक परीक्षण और तकनीकी मूल्यांकन किया गया था।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि E20-अनुकूल वाहनों में इंजन की क्षमता, प्रदर्शन और टिकाऊपन पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल E20 से अधिक एथेनॉल मिश्रण लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
देश को हो रहा आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ : E20 Petrol Rumours
सरकार का दावा है कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से देश को कई बड़े फायदे मिले हैं। इसके तहत अब तक 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत, 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात में कमी और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि यह पहल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, आयातित तेल पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।



