सीजी भास्कर, 11 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव को बेहतर (AI Road Inspection) बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण होगा, जिससे सड़कों पर गड्ढों, दरारों और अन्य क्षतियों की स्वत: पहचान कर समय पर मरम्मत की जा सकेगी।
नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इस नई तकनीक को लागू करने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए विशेष AI आधारित मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का नियमित वीडियो सर्वे किया जाएगा और एआई तकनीक सड़क की वास्तविक स्थिति का स्वत: विश्लेषण करेगी।
हर महीने वीडियो सर्वे से होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश की सभी पीएमजीएसवाई सड़कों का हर महीने वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से निरीक्षण (AI Road Inspection) किया जाएगा। एआई तकनीक सड़क पर मौजूद गड्ढों (Potholes), दरारों और अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्वत: पहचान कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इससे सड़क की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन हो सकेगा और निरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
सबसे खराब सड़कों की पहले होगी मरम्मत
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सबसे अधिक क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इसके अनुसार संधारण और मरम्मत की कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र मरम्मत कराई जाएगी। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
सरकार ने इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एआई आधारित निरीक्षण तत्काल शुरू किया जाए। शुरुआती परिणामों की समीक्षा के बाद इस तकनीक को पूरे प्रदेश की पीएमजीएसवाई सड़कों पर लागू किया जाएगा।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि एआई आधारित मॉनिटरिंग से सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार होगा। समय पर क्षति की जानकारी मिलने से मरम्मत कार्य में तेजी आएगी, सड़कों की आयु बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिलेंगी।



