सीजी भास्कर, 12 जुलाई। देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर एक बार फिर बहस तेज (Ethanol Petrol) हो गई है। इस बार चर्चा की शुरुआत एक लोकप्रिय यूट्यूबर के वीडियो से हुई, जिसमें उन्होंने अपनी लग्जरी कार की माइलेज में अचानक आई गिरावट को लेकर सवाल उठाए। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने भी अपने अपने अनुभव साझा करने शुरू कर दिए।
हालांकि, इस मामले में ऑटो कंपनी और केंद्र सरकार की राय अलग है। कंपनी का कहना है कि उसकी नई गाड़ियां E20 ईंधन के अनुरूप तैयार की गई हैं, जबकि सरकार भी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर बता रही है।
दो दिन में तेजी से घटी माइलेज का दावा Ethanol Petrol
यूट्यूबर सौरव जोशी ने अपने वीडियो में बताया कि उनकी मर्सिडीज कार पहले करीब 17 किलोमीटर प्रति लीटर की औसत दे रही थी। लेकिन दो दिनों के भीतर यह आंकड़ा पहले 9 और फिर 5 किलोमीटर प्रति लीटर तक पहुंच गया। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय पेट्रोल पंप से भराए गए इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के बाद यह बदलाव देखने को मिला। हालांकि इस संबंध में उन्होंने किसी तकनीकी जांच रिपोर्ट या आधिकारिक पुष्टि का जिक्र नहीं किया।
रेंज कम होने से बढ़ी चिंता
वीडियो में उनकी पत्नी अवंतिका भट्ट ने भी कहा कि पहले फुल टैंक पर कार करीब 800 किलोमीटर की रेंज दिखाती थी, जबकि अब यह घटकर लगभग 480 किलोमीटर रह गई है। उनका कहना था कि इतनी महंगी कार में ऐसी स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।
छोटे शहरों में सर्विस की परेशानी
सौरव जोशी ने कहा कि छोटे शहरों में लग्जरी वाहनों की सर्विस आसान नहीं होती। यदि वाहन में कोई बड़ी तकनीकी समस्या आती है तो उसे बड़े शहर भेजना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
कंपनी ने मिलावट की आशंका जताई
मर्सिडीज बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा कि वर्ष 2020 के बाद लॉन्च की गई कंपनी की सभी पेट्रोल गाड़ियां E20 ईंधन के अनुरूप बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी वाहन में समस्या (Ethanol Petrol) आ रही है तो इसकी वजह पेट्रोल में अवैध मिलावट हो सकती है। उन्होंने साफ किया कि केवल इथेनॉल मिश्रण को इसका कारण नहीं माना जा सकता।
सरकार ने भी किया खंडन
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने के दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसा कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि E20 ईंधन के कारण वाहन खराब हुए हैं। सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से प्रदूषण कम होगा और देश की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता भी घटेगी।
छत्तीसगढ़ में भी बढ़ रहा E20 का इस्तेमाल
छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और अन्य शहरों में भी E20 पेट्रोल की उपलब्धता लगातार (Ethanol Petrol) बढ़ रही है। ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी वाहन की माइलेज अचानक कम हो जाए तो ईंधन की गुणवत्ता के साथ इंजन, सर्विस हिस्ट्री, टायर प्रेशर और ड्राइविंग पैटर्न की भी जांच करानी चाहिए। किसी एक कारण को जिम्मेदार मानने से पहले तकनीकी परीक्षण जरूरी है।



