सीजी भास्कर, 6 सितंबर : सड़क की धूल (Road Dust Korba) ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। भारी बारिश के बाद प्रमुख सड़कों का डामर उखड़ गया है। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। अब बारिश थमने के बाद सड़क पर बिखरी बजरी और मिट्टी से धूल का गुबार उठ रहा है।
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बारिश थमी तो धूल बनी नई आफत
पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने शहर की सड़कों की हालत खराब कर दी है। प्रमुख मार्गों पर डामर उखड़ने से जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। उखड़े हिस्सों में इस्तेमाल हुई बजरी भी सड़क पर फैल गई है।
दो दिनों से बारिश थमने और धूप निकलने के बाद जलभराव से कुछ राहत मिली है। लेकिन अब सड़क की धूल (Road Dust Korba) नई परेशानी बन गई है। तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने पर मिट्टी और बजरी हवा में उड़ रही है।
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दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों की बढ़ी परेशानी
सड़कों पर उड़ती धूल का सबसे ज्यादा असर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों पर पड़ रहा है। धूल के कण आंखों में जाने से लोग आंखें मलते हुए गुजरने को मजबूर हैं। सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
सड़क किनारे दुकान लगाने वाले व्यापारी भी इससे परेशान हैं। वाहनों की आवाजाही बढ़ने के साथ धूल का गुबार भी लगातार उठ रहा है। सड़क की धूल (Road Dust Korba) के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई है।
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सीएसईबी चौक से पावर हाउस रोड तक हाल खराब
सीएसईबी चौक से ट्रांसपोर्ट नगर होते हुए पावर हाउस रोड तक दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। यह इलाका प्रमुख व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र है। यहां कई जगह सड़क पर धूल का गुबार उठता दिखाई दे रहा है।
इसी तरह सीएसईबी चौक से बुधवारी बाजार होते हुए घंटाघर मार्ग पर भी सड़क की स्थिति खराब है। कामकाजी लोगों के साथ स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र और खरीदारी के लिए निकलने वाले लोग भी परेशान हैं।
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धूल से सांस और आंखों में संक्रमण का खतरा
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत भास्कर के मुताबिक सड़क पर फैली बजरी और मिट्टी से उठने वाला धूल का गुबार सांस संबंधी परेशानी बढ़ा सकता है। धूल के कण आंखों में जाने से संक्रमण का खतरा भी हो सकता है।
ऐसे में सड़क की धूल (Road Dust Korba) केवल आवाजाही की समस्या नहीं है। यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है।
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नगर निगम ने शुरू की वैकल्पिक मरम्मत
बारिश थमने के बाद नगर निगम की टीम ने सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए वैकल्पिक मरम्मत शुरू कर दी है। गड्ढों में डामर डालकर उन्हें भरा जा रहा है।
निगम के अनुसार बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद शहर की प्रमुख सड़कों की मरम्मत और पैच रिपेयरिंग कराई जाएगी। बुधवारी बाजार के आसपास कराई जा रही वैकल्पिक मरम्मत से राहगीरों को गड्ढों से कुछ राहत मिलने लगी है।
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बजरी से फिसलने का भी खतरा
सड़क पर गड्ढों के बीच बिखरी बजरी से सिर्फ धूल की समस्या नहीं है। दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा भी बढ़ गया है। ब्रेक लगाने पर बजरी के कारण वाहन अनियंत्रित हो सकते हैं।
इससे दोपहिया चालक गिरकर घायल भी हो रहे हैं। सड़क की धूल (Road Dust Korba) और बिखरी बजरी के कारण राहगीरों के साथ सड़क किनारे के दुकानदार भी परेशान हैं।




