सीजी भास्कर, 6 सितंबर : ई-बस सेवा (Bilaspur E-Bus Service) शुरू होने के बाद बिलासपुर और आसपास के गांव-कस्बों के लोगों के लिए शहर आना-जाना आसान होगा। दिसंबर तक 50 ई-बसें 15 रूट पर दौड़ाने की तैयारी है। इन रूटों का कुल नेटवर्क करीब 419 किमी होगा। किराया मौजूदा सिटी बसों से 5 से 10 रुपए तक कम रखने की संभावना है।
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रतनपुर-खूंटाघाट रूट पर सबसे ज्यादा 8 बसें
नगर निगम ने लोगों से मिले सुझावों के बाद 50 ई-बसों के लिए 15 रूट तय किए हैं। रूट प्लान को केवल शहर तक सीमित नहीं रखा गया है। आसपास के गांव और कस्बों को भी बिलासपुर से जोड़ने पर फोकस किया गया है।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन को ई-बस सेवा (Bilaspur E-Bus Service) का प्रमुख केंद्र बनाया गया है। यहां से अलग-अलग दिशाओं के लिए बसें चलेंगी। रतनपुर-खूंटाघाट रूट पर सबसे ज्यादा 8 बसें प्रस्तावित हैं। कोटा के लिए 7, कानन पेंडारी-तखतपुर के लिए 6 और मस्तूरी-मल्हार रूट पर 5 बसें रहेंगी।
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419 किमी का होगा ई-बस नेटवर्क
ई-बसों का नेटवर्क शहर से आगे गांव-कस्बों तक पहुंचेगा। कुल 15 रूट पर करीब 419 किमी का नेटवर्क तैयार किया गया है। इससे पहले सिटी बसें करीब 324 किमी के दायरे में चलती थीं।
सबसे लंबा 57 किमी का बिलासपुर-नेवसा जाली रूट होगा। वहीं बिलासपुर-तखतपुर रूट करीब 45 किमी लंबा होगा। यह रूट हाईकोर्ट, परसदा, बेलमुंडी और बाइपास होकर जाएगा।
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किस रूट पर कितनी बसें चलेंगी?
प्रस्तावित रूट के अनुसार चकरभाठा-रेलवे स्टेशन के लिए 3 बसें रहेंगी। बिलासपुर-अपोलो अस्पताल रूट पर 2 बसें और उसलापुर स्टेशन-बिलासपुर स्टेशन के लिए 2 बसें प्रस्तावित हैं।
बिरकोना-बिलासपुर स्टेशन और सेंदरी-बिलासपुर स्टेशन रूट पर भी 2-2 बसें चलेंगी। सीपत-बिलासपुर स्टेशन रूट पर 4 बसें प्रस्तावित हैं।
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सिटी बस से 5 से 10 रुपए तक कम हो सकता है किराया
ई-बस सेवा (Bilaspur E-Bus Service) शुरू होने के बाद यात्रियों को किराए में भी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि किराया अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुआ है। मौजूदा सिटी बसों की तुलना में इसे कम रखने की संभावना है।
अनुमान के मुताबिक ई-बस का किराया करीब 5 से 10 रुपए तक कम हो सकता है। अभी बिलासपुर से कोटा का सिटी बस किराया करीब 30 से 40 रुपए, तखतपुर का 25 से 30 रुपए और रतनपुर का करीब 30 रुपए है।
इससे रोज नौकरी, पढ़ाई, इलाज और कारोबार के लिए बिलासपुर आने वाले यात्रियों को फायदा मिलेगा। ऑटो या निजी वाहन की तुलना में भी ई-बस का सफर किफायती पड़ने की उम्मीद है।
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अपोलो अस्पताल और हाईकोर्ट भी नेटवर्क में
ई-बस रूट में अपोलो अस्पताल, हाईकोर्ट, महाराणा प्रताप चौक, परसदा और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थान शामिल किए गए हैं। इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा मिलेगी। हाईकोर्ट आने-जाने वाले लोगों को भी सीधा फायदा होगा।
बिलासपुर-अपोलो अस्पताल के बीच 2 बसें प्रस्तावित हैं। हाईकोर्ट होकर तखतपुर जाने वाले रूट पर भी 2 बसें चलाने की योजना है। ई-बस सेवा (Bilaspur E-Bus Service) से शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
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दिसंबर से शुरू होगी सेवा, टाइमिंग जल्द होगी जारी
नोडल अफसर अनुपम तिवारी के अनुसार 15 रूट पर 50 ई-बसें चलाने के लिए रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है। अब बसों की टाइमिंग को लेकर सूची जल्द जारी की जाएगी।
पहले सिटी बसें 10 रूट पर चलती थीं। अब रूट बढ़ाकर 15 किए गए हैं। ई-बस सेवा (Bilaspur E-Bus Service) शुरू होने के बाद बिलासपुर से जुड़े गांव-कस्बों के हजारों लोगों को सार्वजनिक परिवहन का नया विकल्प मिलेगा।




