सीजी भास्कर, 10 सितंबर : छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क (Bilaspur Pendra Road Rail Project) को अब तक की बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने 10 हजार 783 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन शामिल हैं। नई रेल लाइनों से ट्रेनों की आवाजाही आसान होने के साथ यात्री सुविधाओं, माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
इस फैसले से बिलासपुर-पेंड्रा रोड रेल कॉरिडोर (Bilaspur Pendra Road Rail Project) की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। अतिरिक्त लाइन बनने से रेल यातायात का दबाव कम करने, यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताते हुए इसे विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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10,783 करोड़ का बड़ा रेल प्रोजेक्ट
केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर तीन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। इनकी कुल लागत 10 हजार 783 करोड़ रुपये अनुमानित है और इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ समेत पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश के 14 जिलों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
इन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। करीब 4,790 गांवों और लगभग 56 लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलने का अनुमान है। खासतौर पर बिलासपुर-पेंड्रा रेल कॉरिडोर (Bilaspur Pendra Road Rail Project) में अतिरिक्त ट्रैक बनने से व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी।
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उद्योगों को मिलेगी रफ्तार
नई रेल लाइनें सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उद्योग-व्यापार के लिए भी बड़ा बदलाव ला सकती हैं। कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन के लिए रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ने से माल ढुलाई अधिक आसान होगी। तीनों परियोजनाओं से प्रतिवर्ष करीब 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ खनिज और औद्योगिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। ऐसे में मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क उद्योगों के लिए परिवहन लागत और समय को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद कर सकता है। बिलासपुर-पेंड्रा रोड रेल कनेक्टिविटी (Bilaspur Pendra Road Rail Project) मजबूत होने से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने की क्षमता भी बढ़ेगी।
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पर्यटन को भी बड़ा फायदा
रेल नेटवर्क के विस्तार का असर पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर भी पड़ने की उम्मीद है। अचानकमार टाइगर रिजर्व, मल्हार का पुरातात्विक स्थल, रतनपुर का मां महामाया मंदिर और खुटाघाट बांध जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच बेहतर होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है। होटल, परिवहन, छोटे व्यवसाय और स्थानीय रोजगार से जुड़े लोगों के लिए यह विस्तार नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। बिलासपुर-पेंड्रा रोड रेल परियोजना (Bilaspur Pendra Road Rail Project) इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
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27 मिलियन टन ज्यादा माल ढुलाई
मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का सबसे बड़ा असर रेलवे की माल ढुलाई क्षमता पर पड़ेगा। अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के परिचालन को भी बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। इससे कोयला, सीमेंट, स्टील और अन्य औद्योगिक सामग्री की आवाजाही को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ने से उद्योगों के लिए सप्लाई चेन अधिक मजबूत हो सकती है। इसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार के अवसरों पर पड़ने की संभावना है। छत्तीसगढ़ जैसे खनिज आधारित राज्य के लिए बिलासपुर-पेंड्रा रोड कॉरिडोर (Bilaspur Pendra Road Rail Project) का विस्तार आर्थिक दृष्टि से खास महत्व रखता है।
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पर्यावरण को भी फायदा
परियोजनाओं को प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही को अधिक प्रभावी बनाना है।
रेलवे को पर्यावरण-अनुकूल परिवहन माध्यम माना जाता है। अनुमान के मुताबिक इन तीनों परियोजनाओं से करीब 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत और लगभग 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी हो सकती है। यह पर्यावरणीय प्रभाव करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर बताया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मजबूत रेल अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास की महत्वपूर्ण नींव है। केंद्र की मंजूरी से छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी (Bilaspur Pendra Road Rail Project) के विस्तार को नई गति मिलेगी और आने वाले वर्षों में यात्री सुविधाओं के साथ उद्योग, व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को भी इसका लाभ मिल सकता है।



