सीजी भास्कर, 10 सितंबर : स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 में शत-प्रतिशत बोर्ड परिणाम का लक्ष्य (MCB Education Review) हासिल करने के लिए प्राचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक कार्य में लापरवाही और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड में जिला शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव और एसडीएम शशि शेखर मिश्रा ने करीब चार घंटे तक मैराथन समीक्षा बैठक ली। बैठक में सभी संकुल प्राचार्य, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य तथा संकुल शैक्षिक समन्वयक शामिल हुए। बैठक में आगामी त्रैमासिक परीक्षा से लेकर विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
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बोर्ड रिजल्ट पर खास फोकस
जिला शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव ने आगामी त्रैमासिक परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा के सुव्यवस्थित और पारदर्शी संचालन के साथ मूल्यांकन में पूरी निष्पक्षता बरतने पर जोर दिया। खासतौर पर कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन और शैक्षिक स्तर की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार (MCB Education Review) के लिए प्राचार्यों को अपने-अपने स्कूलों की शैक्षणिक स्थिति पर लगातार नजर रखने और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल परीक्षा के समय तैयारी करने के बजाय पूरे सत्र में पढ़ाई की गुणवत्ता पर काम करना होगा।
शिक्षकों की उपस्थिति होगी ऑनलाइन
डीईओ ने VSK ऐप पर शिक्षकों के शत-प्रतिशत पंजीयन और ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। अवकाश आवेदन भी ऑनलाइन स्वीकृत कराने को कहा गया। शिक्षकों की अनधिकृत अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों में अनुशासन और नियमितता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था की निगरानी (MCB Education Review) के तहत विकासखंड शिक्षा अधिकारी को सभी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं करने और शैक्षणिक दायित्वों में लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों एवं शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने को कहा गया।
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पोर्टल पर पंजीयन की समीक्षा
बैठक में माय भारत पोर्टल पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत पंजीयन की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा यू-डाइस पोर्टल पर छात्र-छात्राओं की एंट्री, छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति और अन्य विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली गई।
डीईओ ने कहा कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विद्यार्थियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ (MCB Education Review) मिले, यह सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
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लंबित काम जल्द पूरा करें
अधिकारियों ने अपार आईडी निर्माण, अनिवार्य MBU अपडेटेशन, प्रशस्त ऐप पर पंजीयन और स्वच्छ हरित विद्यालय में पंजीयन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। पीएम ई-विद्या डिजिटल कार्यक्रम और प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में किचन गार्डन स्थापित करने सहित अन्य विभागीय कार्यों की भी समीक्षा की गई।
प्राचार्यों से वन-टू-वन जानकारी लेकर लंबित कार्यों को तत्काल पूरा कराने और निर्धारित समय-सीमा में सभी जरूरी जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए। स्कूलों की लगातार मॉनिटरिंग (MCB Education Review) के जरिए लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराने पर जोर दिया गया।
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SDM ने दिए सख्त निर्देश
एसडीएम भरतपुर शशि शेखर मिश्रा ने प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों को अपने दायित्वों का गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने को कहा। उन्होंने समयबद्धता और अनुशासन के साथ-साथ विषय शिक्षकों द्वारा कक्षा में जाने से पहले विषय की तैयारी करने पर विशेष जोर दिया।
एसडीएम ने स्कूल शिक्षा विभाग के शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला सांख्यिकी अधिकारी अनिरुद्ध शुक्ला, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सच्चिदानंद साहू, विकासखंड स्रोत समन्वयक देवेंद्र गुप्ता सहित भरतपुर विकासखंड के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य और संकुल शैक्षिक समन्वयक मौजूद रहे।
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