सीजी भास्कर, रायपुर, 24 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के पटेवा स्थित एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र के बालों की चोटी बनाकर कैंची से काटने के मामले में प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि अनुशासन के नाम पर छात्र के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसके बाद वह स्कूल जाने से डरने लगा। स्वजन की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में छात्र को मानसिक संताप और शारीरिक असुविधा पहुंचने का उल्लेख किया गया। इसके बाद गोबरा नवापारा पुलिस ने किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत अपराध दर्ज किया। यह मामला (Academic Heights School Patwa) बच्चों के साथ स्कूल में होने वाले व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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चोटी बनाकर काटे बाल
शिकायत के अनुसार, घटना 15 अक्टूबर 2025 की है। उस समय यवनीश जांगड़े पटेवा के एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता था। आरोप है कि स्कूल में अनुशासन के नाम पर उसके लंबे बालों की चोटी बनाई गई और कैंची से बाल काटे गए। छात्र के स्वजन यशवीर जांगड़े ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
जांच के दौरान छात्र ने बताया कि प्रार्थना सभा या कक्षा के दौरान प्राचार्य पल्लवी मरार और शिक्षिका नयन साहू ने उसके बालों की चोटी बनाई थी। इस घटना के बाद बच्चा स्कूल जाने से कतराने लगा। (Academic Heights School Patwa) मामले में शिक्षा विभाग की जांच के बाद पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की है।
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चिकित्सकीय रिपोर्ट में क्या आया
शिक्षा विभाग के निर्देश पर दो प्राचार्यों की जांच टीम बनाई गई थी। टीम ने 31 जुलाई 2026 को स्कूल का निरीक्षण किया और छात्र, उसके माता-पिता, प्राचार्य तथा संबंधित शिक्षकों के बयान दर्ज किए। जांच में धन्वंतरी अस्पताल, कोलर, रायपुर में 5 जून 2026 को जारी चिकित्सकीय परामर्श पत्र का भी परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मनोचिकित्सक की रिपोर्ट में छात्र को नींद में परेशानी, चिड़चिड़ापन और स्कूल जाने से डरने जैसी समस्याएं होने का उल्लेख है। चिकित्सकीय इतिहास में बालों को लेकर स्कूल में हुई घटना के बाद उसके व्यवहार में बदलाव आने की बात दर्ज है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि छात्र पहले से अस्थमा से पीड़ित था। (Academic Heights School Patwa) प्रकरण में इन स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया।
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गृहकार्य पर कान मरोड़ने का आरोप
जांच दल के सामने दिए बयान में छात्र ने आरोप लगाया कि गृहकार्य अधूरा रहने पर गणित के शिक्षक अजय कुमार देवांगन ने उसका कान मरोड़ा था। हालांकि, गणित शिक्षक ने अपने बयान में शारीरिक दंड देने से इनकार किया। उन्होंने बताया कि गृहकार्य अधूरा होने पर विद्यार्थियों को पीडीएफ नोट्स दिए जाते थे। अन्य शिक्षकों ने भी अपने स्पष्टीकरण में शारीरिक दंड देने से इनकार किया।
प्राचार्य ने जांच दल को बताया कि स्कूल में अनुशासन बनाए रखने के लिए बच्चों के बाल व्यवस्थित कराए जाते थे और अन्य बच्चों की भी चोटी बनाई गई थी। जांच रिपोर्ट में विभिन्न पक्षों के बयान और चिकित्सकीय दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। (Academic Heights School Patwa) मामले में आरोपों और संबंधित पक्षों के बयानों को जांच के निष्कर्षों के साथ देखा गया है।
जांच में क्या हुई अनुशंसा
जांच दल ने छात्र की विद्यालय में उपस्थिति की स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी परीक्षण किया। रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद छात्र स्कूल में अनियमित रूप से जाने लगा था। इसके बाद स्वजन ने अप्रैल 2026 से उसका दाखिला दूसरे स्कूल में कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली। जांच रिपोर्ट में निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17 का उल्लेख किया गया है, जिसमें स्कूल परिसर में बच्चों को शारीरिक दंड देने और मानसिक प्रताड़ना पहुंचाने पर रोक है। रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन को चेतावनी देने की अनुशंसा भी की गई। फिलहाल, पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ धारा 75 के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।



