सीजी भास्कर, जगदलपुर, 25 अक्टूबर। बस्तर दशहरा की महत्वपूर्ण परंपरा काछनगादी की रस्म निभाने वाली 12 वर्षीय पीहू दास को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नहीं मिलवाए जाने (Bastar Dussehra Pihu Das Controversy) का मामला सामने आया है। आरोप है कि 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति के जगदलपुर दौरे के दौरान लालबाग मैदान में आयोजित परंपराओं की प्रदर्शनी में पीहू की जगह दूसरी बच्ची को उनसे मिलवाया गया। इस घटना के बाद पनका समाज में नाराजगी है। समाज के प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया है कि परंपरा निभाने वाली बच्ची को ही राष्ट्रपति से मिलने का अवसर क्यों नहीं दिया गया।
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रस्म निभाने वाली बेटी कौन
काछनगादी के मुख्य पुजारी गणेश दास और पनका समाज के प्रतिनिधियों के मुताबिक, यह रस्म समाज की बेटी निभाती है। समाज चाहता था कि पीहू दास राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें इस परंपरा की जानकारी दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समाज के लोगों ने राष्ट्रपति के साथ दूसरी बच्ची की मुलाकात की तस्वीरें साझा की हैं। इसके बाद काछनगादी की परंपरा (Bastar Dussehra Pihu Das Controversy) से जुड़े प्रतिनिधियों ने चयन के आधार पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, दूसरी बच्ची को किस आधार पर चुना गया, इस बारे में प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।
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पीहू भी मिलना चाहती थी
काछनगादी की रस्म निभाने वाली पीहू दास ने कहा कि वह भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलना चाहती थी। उसकी इच्छा थी कि वह राष्ट्रपति को अपनी परंपरा के बारे में बताए, लेकिन उसे वहां नहीं ले जाया गया। पीहू के मुताबिक, उसकी जगह दूसरी बच्ची को राष्ट्रपति से मिलवाया गया। इस घटनाक्रम से वह नाराज है। पीहू को मुलाकात का अवसर नहीं मिलने (Bastar Dussehra Pihu Das Controversy) के बाद समाज के लोगों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।
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कांग्रेस ने उठाए सवाल
मामले को लेकर कांग्रेस ने भी प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि काछनगादी जैसी महत्वपूर्ण परंपरा निभाने वाली बच्ची को अलग रखा गया। उन्होंने सवाल किया कि राष्ट्रपति से मिलवाई गई दूसरी बच्ची कौन थी और उसे इस भूमिका में किस आधार पर शामिल किया गया। कांग्रेस ने इसे प्रशासन की लापरवाही बताया है। वहीं, पीहू को मुलाकात से दूर रखे जाने (Bastar Dussehra Pihu Das Controversy) को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लालबाग में सजी थी प्रदर्शनी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 अक्टूबर को बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार और आमसभा कार्यक्रम में शामिल होने जगदलपुर पहुंची थीं। इस दौरान लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा की विभिन्न परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल लगाए गए थे। काछनगादी की परंपरा से जुड़े स्टॉल पर राष्ट्रपति की एक बच्ची से मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। अब काछनगादी की रस्म निभाने वाली पीहू (Bastar Dussehra Pihu Das Controversy) को मुलाकात का अवसर नहीं दिए जाने के मामले में समाज के सवालों के जवाब प्रशासन की प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।



