सीजी भास्कर, रायपुर, 25 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के हमले में जनहानि (Wildlife Attack Compensation in Chhattisgarh) होने पर अब पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपए के बजाय 12 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति मिल सकती है। वन विभाग ने मुआवजा राशि दोगुनी करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नई दरों के अनुसार भुगतान किया जा सकेगा। फिलहाल यह बढ़ोतरी प्रस्तावित है, इसे अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
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मुआवजा राशि में बढ़ोतरी
वन्यजीवों के हमले से होने वाली जनहानि (Wildlife Attack Compensation in Chhattisgarh) पर लंबे समय से चली आ रही क्षतिपूर्ति राशि की समीक्षा के बाद वन विभाग ने बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई और प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया।
वन विभाग ने पड़ोसी राज्यों में दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि का भी अध्ययन किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में जनहानि पर 20 लाख रुपए, कर्नाटक में 15 लाख और केरल में 10 लाख रुपए दिए जाते हैं। इन दरों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी राशि बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इन वन्यजीवों पर लागू
प्रस्ताव में अनुसूची-एक के तहत चिन्हांकित वन्यजीवों को शामिल किया गया है। इनमें बाघ, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भेड़िया, जंगली सूअर, गौर, जंगली हाथी, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ, वन भैंसा, सियार और बंदर शामिल हैं। इन वन्यजीवों के हमले से मौत, घायल होने या अन्य प्रकार की क्षति (Wildlife Attack Compensation in Chhattisgarh) होने पर प्रस्तावित दरों के अनुसार सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, वास्तविक भुगतान और पात्रता संबंधित नियमों तथा प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगी।
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घायल और दिव्यांगों को राहत
वन विभाग के प्रस्ताव में केवल जनहानि ही नहीं, बल्कि स्थायी अपंगता, घायल होने और पशुहानि की क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने की भी बात कही गई है।
| क्षतिपूर्ति का प्रकार | वर्तमान राशि | प्रस्तावित राशि |
|---|---|---|
| जनहानि | ₹6 लाख | ₹12 लाख |
| स्थायी अपंगता | ₹2 लाख | ₹6 लाख |
| घायल होने पर | ₹59,100 | ₹1 लाख |
| पशुहानि | ₹30,000 | ₹50,000 |
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो वन्यजीवों के हमले में घायल लोगों, स्थायी रूप से दिव्यांग हुए पीड़ितों और पशुहानि झेलने वाले लोगों को भी बढ़ी हुई सहायता मिल सकेगी। इस तरह के अलग-अलग श्रेणियों में राहत राशि बढ़ाने की तैयारी है।
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सरकार को भेजा प्रस्ताव
पीसीसीएफ एवं वनबल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के मुताबिक, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप से चर्चा और सहमति के बाद क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। अब प्रस्ताव पर सरकार की स्वीकृति का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद वन्यजीवों के हमले से प्रभावित परिवारों को राहत मिल सकती है। फिलहाल प्रस्तावित नई दरें लागू नहीं हुई हैं।
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