सुकमा: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में EOW (Economic Offenses Wing) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए राजशेखर पुराणिक को गिरफ्तार किया है। राजशेखर पुराणिक, जो पहले प्राथमिक लघुवनोपज सहकारी समिति फुलबगड़ी के प्रबंधक थे, और जिला लघुवनोपज यूनियन में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात थे, पर आरोप है कि उन्होंने तेंदूपत्ता बोनस वितरण में घोटाला किया था।
7 करोड़ के घोटाले का खुलासा
यह घोटाला साल 2021-22 के दौरान हुआ था, जब तेंदूपत्ता की बिक्री के समय संग्राहकों को दिए जाने वाले बोनस की बड़ी राशि का गबन किया गया। EOW की जांच में सामने आया है कि बोनस की राशि संग्राहकों को न देकर, उसे बिना किसी वैध संविदा के निजी व्यक्तियों को वितरित किया गया।
आरोप है कि यह सुनियोजित षड्यंत्र था, जिसमें वन विभाग के तत्कालीन DFO अशोक कुमार पटेल सहित अन्य कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। EOW ने इस मामले में IPC की धारा 409 (विश्वासघात) और 120B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत केस दर्ज किया है।
अब तक 13 गिरफ्तारियां
यह घोटाला अब तक 13 गिरफ्तारियों के साथ जुड़ा हुआ है। इनमें प्रमुख नाम अशोक कुमार पटेल (तत्कालीन DFO) और उनके साथ 4 वनकर्मी और 7 लघुवनोपज समिति के प्रबंधक शामिल हैं। EOW ने पहले 17 अप्रैल 2025 को अशोक कुमार पटेल को और 25 जून 2025 को अन्य 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब राजशेखर पुराणिक की गिरफ्तारी से इस मामले में नया मोड़ आया है।
बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच
EOW के सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच में बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेजों की गहराई से समीक्षा की जा रही है। आगामी दिनों में और भी बड़े नाम सामने आने की संभावना है, और EOW उन पर कार्रवाई कर सकती है। इसके बाद संदिग्धों से पूछताछ की जाएगी और अगर वे दोषी पाए गए तो उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण
यह घोटाला सिर्फ एक आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन भी है। घोटाले के कारण इन संग्राहकों को उनका उचित बोनस नहीं मिला। EOW की कड़ी कार्रवाई के बाद अब पीड़ितों के मन में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।