सीजी भास्कर, 21 जुलाई। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र रोहित कुमार मेहता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र पटना के दानापुर क्षेत्र स्थित विजय विहार कॉलोनी के साधना कॉटेज हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
कमरे में बंद, पंखे से लटका था शव
पुलिस के अनुसार, मृतक छात्र बक्सर जिले के चनवथ गांव का निवासी था और उसके पिता पंकज कुमार मेहता गांव के मुखिया हैं। रविवार की रात जब उसका रूम पार्टनर घूमकर लौटा तो देखा कि कमरा अंदर से बंद है।
आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर हॉस्टल के अन्य छात्रों और संचालक को बुलाया गया। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो रोहित का शव पंखे के हुक से लटका मिला।
मौके पर पहुंची पुलिस और FSL टीम
घटना की जानकारी मिलते ही दानापुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और कमरे से साक्ष्य जुटाए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया है।
क्या थी आत्महत्या की वजह?
मृतक के पिता ने बताया कि रोहित पहले बिहटा में रहकर पढ़ाई करता था, फिर सगुना खगौल रोड स्थित फिजिक्स वाला संस्थान में एडमिशन लिया। उसने इस साल NEET की परीक्षा दी थी लेकिन अच्छे अंक नहीं आए। इसके बाद वह डिप्रेशन में चला गया था।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह निराश था। सबसे हैरानी की बात यह है कि रोहित की शादी इसी साल 11 अप्रैल को हुई थी। बावजूद इसके, मानसिक तनाव और असफलता के दबाव ने उसे तोड़ दिया।
एक जरूरी सवाल
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है। क्या हम अपने बच्चों पर अनजाने में अत्यधिक अपेक्षाओं का बोझ डाल रहे हैं? क्या कोचिंग कल्चर और एग्ज़ाम प्रेशर ने युवाओं को मानसिक रूप से असहाय बना दिया है?




