सीजी भास्कर, 17 अगस्त | छत्तीसगढ़ में एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि 18 अगस्त से पूरे प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।
पिछले कुछ दिनों से मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में गर्मी और उमस से लोग परेशान थे, लेकिन अब आसमान से राहत की बौछारें गिरने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 18 अगस्त के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। इसके असर से अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम बदलने के आसार हैं।
रविवार, 17 अगस्त को भी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं, अन्य स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।
किसानों और जलस्रोतों को मिलेगी राहत
मौसम विभाग का कहना है कि इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और खेतों व जलाशयों को भरने में मदद मिलेगी। कृषि कार्य में व्यस्त किसानों को इससे राहत मिलेगी।
शनिवार को प्रदेश में जगह-जगह हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई।
बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में सबसे ज्यादा 112 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं रायपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान दुर्ग में 20 डिग्री सेल्सियस रहा।
राजधानी रायपुर का मौसम
रविवार को राजधानी रायपुर में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। हल्की बारिश के साथ अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंच सकता है। दिन में उमस और गर्मी से लोगों को परेशानी हो सकती है, लेकिन शाम होते-होते मौसम बदलने की संभावना है।
बिलासपुर में उमस से बेहाल लोग
न्यायधानी बिलासपुर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बारिश गायब है। लगातार उमस और चिलचिलाती धूप से लोग परेशान हैं। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि 18 अगस्त से यहां भी अच्छी बारिश होने लगेगी।
क्यों बन रही है बारिश की स्थिति?
मौसम विभाग के अनुसार, इस समय दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर लगभग 7.6 किमी ऊंचाई तक एक चक्रीय परिसंचरण प्रणाली (Cyclonic Circulation) सक्रिय है। यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए गुजरात की ओर कमजोर होगा।
इसके अलावा, मानसून द्रोणिका जैसलमेर, जोधपुर, कोटा, गुना, बैतूल होते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ और बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसी क्षेत्र में 18 अगस्त को नया लो-प्रेशर बनने से भारी बारिश की संभावना है।
इसका सबसे ज्यादा असर दक्षिण छत्तीसगढ़ और बिलासपुर संभाग में देखने को मिलेगा।




