सीजी भास्कर, 25 अगस्त। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने इतिहास रचते हुए अपनी पहली महिला कमांडो यूनिट की शुरुआत कर दी है।
इस विशेष दस्ते की तैनाती देश के बड़े हवाई अड्डों और उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों पर की जाएगी।
मध्य प्रदेश के बरवाहा स्थित रीजनल ट्रेनिंग सेंटर (RTC) में इन महिला कमांडोज़ को एडवांस लेवल की ट्रेनिंग दी जा रही है।
स्पेशल ट्रेनिंग का कार्यक्रम
सीआईएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि महिला कर्मियों के लिए यह 8 हफ्तों का एडवांस कमांडो कोर्स तैयार किया गया है।
ट्रेनिंग का उद्देश्य उन्हें क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) जैसी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।
इस प्रशिक्षण में शामिल हैं:
- हेल्थ और फिटनेस पर फोकस
- अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल
- लाइव-फायर ड्रिल और रेस
- रैपलिंग व बाधा-पार अभ्यास
- जंगल में सर्वाइवल स्किल्स
- तनावपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की कला
- 48 घंटे का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अभ्यास
पहला बैच 11 अगस्त से 4 अक्टूबर 2024 तक ट्रेनिंग ले रहा है, जबकि दूसरा बैच 6 अक्टूबर से 29 नवंबर 2024 तक प्रशिक्षण में शामिल होगा।
महिला कमांडो यूनिट का मकसद
सीआईएसएफ ने बताया कि शुरुआती चरण में 100 महिला सुरक्षा कर्मियों को इस प्रोग्राम में शामिल किया गया है।
ये सभी अलग-अलग एयरपोर्ट सिक्योरिटी ग्रुप्स (ASG) और संवेदनशील यूनिट्स से चुनी गई हैं। बल का लक्ष्य इस ट्रेनिंग को स्थायी रूप से अपने नियमित ढांचे का हिस्सा बनाना है।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, महिला कमांडोज़ की तैनाती पहले हवाई अड्डों पर होगी और उसके बाद उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जाएगी।
महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर फोकस
CISF ने महिला भर्ती बढ़ाने की दिशा में कदम तेज किए हैं।
वर्तमान में बल में 12,491 महिलाएं कार्यरत हैं, जो कुल संख्या का लगभग 8% है। 2026 तक 2,400 नई महिला कर्मियों की भर्ती की जाएगी ताकि गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित 10% महिला प्रतिनिधित्व का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
इस साल की शुरुआत में गृह मंत्रालय ने CISF की पहली महिला बटालियन को भी मंजूरी दी थी। यह यूनिट दिल्ली के पास तैयार की जा रही है और इसके जवान संसद भवन, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली मेट्रो सहित कई अहम सरकारी स्थलों पर तैनात होंगे।