सीजी भास्कर, 25 अगस्त |
रायगढ़।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बेहद दुर्लभ और खतरनाक घटना सामने आई है। यहां एक जहरीला रसेल वाइपर सांप करीब डेढ़ महीने तक पानी की खाली टंकी में फंसा रहा।
ग्रामीण बच्चों ने उसे पत्थर मारकर घायल कर दिया था, लेकिन समय रहते रेस्क्यू टीम पहुंची और उसकी जान बचाई। बाद में इलाज के बाद सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया।
टंकी में गिरा और घायल हुआ सांप
यह मामला रायगढ़ से करीब 18 किमी दूर स्थित भगोरा गांव का है। डैम की मरम्मत के दौरान यहां मजदूरों के लिए अस्थायी पानी टंकी बनाई गई थी। इसी टंकी में साढ़े चार फीट लंबा रसेल वाइपर गिर गया।
टंकी सूखी थी और लोग इसमें कचरा डालते थे। तभी बच्चों ने सांप को देखा और पत्थरों से मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल होने की वजह से वह बाहर निकलने में असमर्थ रहा और लंबे समय तक वहीं फंसा रहा।
शिक्षकों की सूचना पर पहुंची रेस्क्यू टीम
करीब डेढ़ महीने बाद पास के सरकारी स्कूल के शिक्षकों को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत रायगढ़ एनिमल सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र राजपूत को सूचित किया। 19 अगस्त को टीम गांव पहुंची और टंकी से सांप को बाहर निकाला।
रेस्क्यू टीम ने पुष्टि की कि यह रसेल वाइपर है, जो एशिया के सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है। टीम के अनुसार, घायल होने के बावजूद यह छोटे सांपों को खाकर अब तक जिंदा था।
इलाज के बाद छोड़ा गया जंगल में
रेस्क्यू के दौरान सांप के पेट पर गहरा घाव मिला। टीम ने तुरंत मरहम और हल्दी लगाकर उसका प्राथमिक इलाज किया और कुछ दिन तक निगरानी में रखा।
हालत सुधरने पर उसे रायगढ़ के संबलुपरी रोड के पास घने जंगल और पानी वाली जगह में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
रायगढ़ में रसेल वाइपर की मौजूदगी
एनिमल सेवा समिति के प्रमुख धर्मेंद्र राजपूत ने बताया कि कोतरलिया, जुर्डा, पतरापाली, टारपाली, तिलगा और भगोरा इलाके में रसेल वाइपर की संख्या अधिक है। अक्सर इस क्षेत्र से ऐसे रेस्क्यू कॉल आते रहते हैं, खासकर ठंड के मौसम में।
रसेल वाइपर: बेहद जहरीला और खतरनाक
इसे एशिया के सबसे खतरनाक सांपों में गिना जाता है।
रसेल वाइपर अंडे नहीं देता, बल्कि सीधे बच्चों को जन्म देता है।
एक बार में यह 50 से 60 बच्चे दे सकता है।
इसके काटने पर अगर तुरंत इलाज न मिले तो प्रभावित हिस्सा सड़ने लगता है।