सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पोर्टा केबिन स्कूल के बच्चों के भोजन में फिनायल मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद हाई कोर्ट ने स्वत:
संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से कड़ा जवाब तलब किया है। स्कूल में 400 से अधिक बच्चे रहते हैं, जिनकी जान पर बड़ी आशंका खड़ी हो गई थी।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मंगलवार को हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर मामले को बेहद गंभीर माना।
कोर्ट ने कहा कि – 426 बच्चों के भोजन में फिनायल मिला था। अगर कोई हादसा हो जाता तो स्थिति संभालना बेहद मुश्किल होती। यह गंभीर लापरवाही है।
कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामे के साथ जवाब देने को कहा है।
अधीक्षक की शिकायत पर जांच
मामले के सामने आने के बाद अधीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने शिक्षक धनंजय साहू से पूछताछ शुरू कर दी है। घटना 21 अगस्त की रात की बताई जा रही है, जब बच्चों के भोजन में फिनायल मिला। इसके बाद तुरंत खाना नष्ट करा दिया गया।
पिछली घटना भी कोर्ट की नजर में
यह कोई पहली बार नहीं है जब मिड-डे मील को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले 28 जुलाई को बलौदाबाजार के एक मिडिल स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना परोसा गया था।
उस मामले में भी हाई कोर्ट ने संज्ञान लेकर प्रभावित 84 बच्चों को 25-25 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था।
अगली सुनवाई 17 सितंबर को
सुकमा मामले की जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जा चुकी है। वहीं, कांग्रेस की जांच टीम और बस्तरिया राज मोर्चा के प्रतिनिधि भी स्कूल पहुंचे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।