सीजी भास्कर, 28 अगस्त : नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि नगरीय क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर पंडाल या अस्थायी संरचना बनाने से पहले अनिवार्य रूप से अनुमति लेना होगी। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में आयोजन की तिथि से कम से कम सात दिन पूर्व नगरीय निकाय को आवेदन करना होगा।
जारी निर्देशों के अनुसार, (Public Event Permission Rules) के तहत अधिकतम 500 व्यक्तियों के ठहराव और 5000 वर्ग फीट क्षेत्रफल तक के पंडाल, अस्थायी संरचना, धरना, जुलूस, सभा और रैली के लिए अनुमति लेना आवश्यक है। पंडाल को स्थिर, सुरक्षित और यथासंभव अग्निरोधी सामग्री से बनाया जाना अनिवार्य होगा। मुख्य सड़क या चौराहे पर पंडाल लगाने की अनुमति सामान्यतः नहीं दी जाएगी और यदि विशेष स्थिति में अनुमति दी जाती है तो वैकल्पिक मार्ग का चिन्हांकन आवश्यक होगा।
आयोजन समिति पर यह जिम्मेदारी होगी कि आयोजन के बाद तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करें और नगरीय निकाय के परामर्श से अस्थायी शौचालय, जलापूर्ति तथा अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था करें। किसी भी पंडाल को विद्युत तारों के नीचे स्थापित नहीं किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद भी सक्षम अधिकारी कारण बताकर उसे निरस्त कर सकता है। इसके अतिरिक्त, विशेष आयोजनों के लिए पृथक स्वीकृति अनिवार्य होगी।
500 से अधिक व्यक्तियों के लिए आयोजित पंडालों में आपातकालीन निकास मार्ग और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक होगा। महामारी या अन्य स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। प्रत्येक पंडाल में आपातकालीन निकास के संकेतक, पुलिस व अग्निशमन सेवाओं के संपर्क सूत्र, चिकित्सकीय सहायता से संबंधित जानकारी स्थानीय भाषा में प्रदर्शित करनी होगी। साथ ही, विद्युत आपूर्ति का बैकअप, सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित स्वयंसेवक और पार्किंग की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी।
राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक अथवा निजी आयोजनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सम्पन्न करना होगा। इस दौरान प्रशासन और पुलिस के सहयोग से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। (Public Event Permission Rules) के अंतर्गत यह भी निर्देशित किया गया है कि किसी भी आयोजन में राष्ट्र विरोधी, सांप्रदायिक सौहार्द को आहत करने वाली या कानून व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधियां बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।