सीजी भास्कर, 29 अगस्त : उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर के जूनियर स्कूल में अध्यापक फूलचंद ने सिर्फ नौ महीने में ही आनलाइन गेमिंग में सवा करोड़ रुपये हार गए। यह मामला (Online Gaming Loss Case) न केवल उनके परिवार के लिए गंभीर संकट बन गया है, बल्कि सामाजिक चेतना के लिए भी चेतावनी है। वेतन पर 31 लाख रुपये का कर्ज लेने के साथ ही इधर-उधर से काफी पैसा उधार लेकर गेम खेला गया, और अब उनका कुल कर्ज 49 लाख रुपये तक पहुँच गया है। लोगों के दबाव और परेशान होने के कारण परिवार ने सप्ताह भर पहले उन्हें अलग कर दिया। वर्तमान में वह अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों के साथ किराये के मकान में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
फूलचंद ने नवंबर 2024 से रमी सर्किल, खेल प्ले रमी, रमी वार्स और दमन मोबाइल एप पर गेम खेलना शुरू किया। इसमें वे लगभग सवा करोड़ रुपये हार चुके हैं। शुरुआत में उन्होंने सात लाख रुपये लगाए थे, इसके बाद 18 लाख रुपये रिटर्न मिले, और तभी लत लग गई। रातभर जागकर गेम खेलते, कई हफ्तों तक नींद नहीं लेते। पैसों की जरूरत पड़ने पर दोस्तों से उधार लेते या आनलाइन लोन लेते। जब रात को मित्रों को मैसेज भेजते तो पत्नी उठकर नंबर नोट कर लेती और सुबह स्कूल जाने के बाद कॉल करके पैसे देने से मना कर देती। सप्ताह भर पहले आखिरी बार खेल में सवा लाख रुपये हारे। यह पूरी घटना मामला (Online Gaming Loss Case) परिवार के लिए आर्थिक और मानसिक संकट साबित हुई।
फूलचंद की पत्नी उर्मिला ने बताया कि अब परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है। दो बेटियों और एक बेटे की स्कूल फीस, खाने-पीने और कपड़ों की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। घाटे की भरपाई के लिए फूलचंद को शहर का आवासीय प्लाट और कृषि भूमि भी बेचना पड़ा। कुछ दिन पहले भी उन्होंने 1.75 लाख रुपये दांव पर लगाए थे। नगर क्षेत्राधिकारी प्रशांत सिंह ने बताया कि साइबर थाने की टीम ऐसे स्कैम करने वालों की पकड़ में लगी हुई है और शिकायत मिलने पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी घटना मामला (Online Gaming Loss Case) समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाती है।