सीजी भास्कर, 30 अगस्त : इस साल त्योहारों की शुरुआत गणेश चतुर्थी से हो रही है और इसे लेकर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। अनुमान है कि इस पर्व पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होगा। केवल दिल्ली में ही लगभग 300 करोड़ रुपये का कारोबार (Ganesh Chaturthi Business Boom) होने की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक, गणेश चतुर्थी पर पूरे भारत में 20 लाख से अधिक गणेश पंडाल स्थापित किए गए हैं। इनमें महाराष्ट्र में सात लाख, कर्नाटक में पांच लाख, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में दो-दो लाख, मध्य प्रदेश में दो लाख और दिल्ली में 800 स्थानों पर पंडाल सजाए गए हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, सनातन अर्थव्यवस्था लाखों छोटे व्यापारियों, कारीगरों और सेवा प्रदाताओं को सहारा देती है और सांस्कृतिक परंपराओं के माध्यम से भारत की आर्थिक वृद्धि को शक्ति देती है। इस बार व्यापारी और उपभोक्ता स्वदेशी वस्तुओं को तरजीह दे रहे हैं, जिससे मांग अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है (Ganesh Chaturthi Business Boom)।
कैट के महासचिव (एमेरिटस) प्रवीन खंडेलवाल, जो चांदनी चौक से सांसद भी हैं, ने कहा कि गणेश चतुर्थी कई राज्यों में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देती है। यह पर्व सनातन अर्थव्यवस्था की ताकत को दर्शाता है, जहां आस्था और परंपरा घरेलू विकास को ऊर्जा देती है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया के मुताबिक, यदि हर पंडाल पर औसतन 50 हजार रुपये खर्च मानें तो यह कारोबार 12,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। गणेश मूर्तियों, फूल-माला, प्रसाद, कैटरिंग, पर्यटन, खुदरा खरीदारी और उत्सव आयोजन पर भी अलग-अलग खर्च का बड़ा अनुमान है (Ganesh Chaturthi Business Boom)।




