सीजी भास्कर, 30 अगस्त |
बिलासपुर।
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही बिलासपुर में डीजे संचालकों और प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार देर रात नाराज डीजे संचालकों ने डिप्टी सीएम अरुण साव के बंगले का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। उनकी मांग थी कि त्योहारों के दौरान डीजे संचालन को लेकर स्पष्ट अनुमति प्रक्रिया तय की जाए।
हाईकोर्ट आदेश के बाद प्रशासन सख्त
हाल ही में बिलासपुर हाईकोर्ट ने डीजे पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने गणेश उत्सव सहित धार्मिक आयोजनों में डीजे बजाने पर रोक लगा दी है। साथ ही वाहनों पर डीजे लगाने पर भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस और संचालकों में तीखी बहस
डीजे संचालकों के अचानक घेराव से बंगले पर मौजूद लोग सकते में आ गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसएसपी रजनेश सिंह ने वहां पहुंचकर भीड़ को समझाया और संचालकों से शांति बनाए रखने की अपील की।
इस दौरान उन्होंने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर नाराजगी जताई और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि 1 सितंबर को बैठक आयोजित कर समस्या का हल निकाला जाएगा।
आजीविका पर संकट की शिकायत
डीजे संचालक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्होंने व्यवसाय के लिए भारी भरकम साउंड सिस्टम और उपकरणों में निवेश किया है। कई लोगों ने बैंक से कर्ज भी लिया है। लेकिन रोक के कारण उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है और वे परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं।
नियमों के तहत बजाने का वादा
संचालकों ने पुलिस से अपील की कि उन्हें सीमित ध्वनि स्तर और तय नियमों के तहत डीजे बजाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यातायात नियमों और ध्वनि सीमा का पालन करते हुए ही कार्यक्रमों में डीजे का उपयोग करेंगे।